रायगढ़, (केलो प्रवाह)। पुसौर को नगर पंचायत का दर्जा तो मिल गया लेकिन यहां अभी भी ग्राम पंचायत जैसा हाल है। जल्दबाजी में बिना किसी प्लानिंग के बाजार के पास 13 दुकानें बना दीं। अटल व्यवसायिक परिसर नामकरण हो गया। उसकी नीलामी भी हो गई लेकिन अब तक यह आबाद नहीं हो सका है। यहां हालात ऐसे हैं कि अटल प्रतिमा के चारों ओर कचरा जमा है। बोरोडीपा चौक के पास भी लाखों की लागत से 14 दुकानें बनाई गई हैं जो खंडहर हो जाएंगी।पुसौर नगर पंचायत क्षेत्र में कितने भी विकास कार्य करवा लें, लेकिन यहां के जनप्रतिनिधियों का रवैया नहीं बदलेगा।
नाम का नगर पंचायत लेकिन हकीकत में ग्राम पंचायत की तरह इसे चलाया जा रहा है। करोड़ों रुपए हर साल खर्च हो रहे हैं लेकिन हर वार्ड में गंदगी है। यहां तक कि अटल व्यवसायिक परिसर में भी चारों ओर गंदगी है। पुसौर के आखिरी छोर पर बाजार पड़ाव के पास पहले अटल व्यवसायिक परिसर का निर्माण किया। यहां 13 दुकानें बनाई गई हैं। बाद में सरकार ने अटल परिसर निर्माण का आदेश दिया तो यहां अटलजी की प्रतिमा स्थापित की गई। इन 13 दुकानों का
आवंटन नीलामी के जरिए किया गया जिसमें सामान्य, अजा, अजजा, अपिव, महिला और शिक्षित बेरोजगार को दुकानें दी गई हैं। हास्यास्पद बात यह है कि दुकानें बनने के एक साल बाद भी यह आबाद नहीं हो सकी हैं। दुकानें शुरू होने के पहले ही खंडहर बन जाएंगी। अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के चारों ओर कीचड़ और कचरा फैला हुआ है। नगर पंचायत के पास पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद सफाई तक नहीं हो पा रही है।
इधर 14 दुकानें लंबे समय से बनकर तैयार
पुसौर नगर पंचायत क्षेत्र में प्लानिंग के साथ निर्माण करने के बजाय छोटे-छोटे काम मंजूर किए जा रहे हैं। बेतरतीब तरीके से कॉम्पलेक्स बना जा रहे हैं। बोरोडीपा चौक के पास भी 14 दुकानों का निर्माण किया गया है। इसका आवंटन भी नहीं हो सका है। इधर दुकानें खंडहर हो रही हैं।
क्या कहते हैं ललित
बाजार के पास अटल परिसर में दुकानों का एग्रीमेंट नहीं हो सका है। इसके बाद दुकानें खुल जाएंगी। वहीं 14 दुकानों का आवंटन ऑनलाइन तरीके से होना है।
- ललित साहू, सीएमओ























