छोड़कर सामग्री पर जाएँ

नंद कुमार पटेल विवि के लिए कोतरलिया में देंगे 25 एकड़ जमीन

IMG 849e39a3 6454 4958 8d62 43b015b8c94f
  • गढ़उमरिया में नहीं हो सका आवंटन
  • नेशनल हाईवे किनारे नहीं, स्टेट हाईवे के पास बनेगा विवि कैंपस

रायगढ़ (केलो प्रवाह)। शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के लिए पांच साल से जमीन की तलाश चल रही थी। जानकारी मिली है कि कोतरलिया में करीब 25 एकड़ जमीन देने पर सहमति बन गई है। शासन ने जरूरत के हिसाब से ही जमीन देने का आदेश दिया है। रायगढ़ में अब शायद शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के संपूर्ण कैंपस निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जनवरी 2020 में शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के लिए जमीन की मांग की जा रही थी। पांच साल से केआईटी के किराये के भवन में विश्वविद्यालय चल रहा है। कई जगहों पर जमीन खोजी गई, लेकिन कुछ भी तय नहीं हो सका।

विश्वविद्यालय को स्थापित करने के लिए कम से कम 50-100 एकड़ जमीन मांगी जा रही थी। किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पीछे करीब 100 एकड़ जमीन है। इसमें से एसएनपीवी को जमीन देने का प्रस्ताव पूर्व में रखा गया था। इस जगह को फाइनल कर लिया गया था, लेकिन फॉरेस्ट लैंड होने की वजह बताकर इस साइट को रिजेक्ट कर दिया गया। इसके बाद कोतरलिया में जमीन खोजी गई है। बताया जा रहा है कि यहां 25 एकड़ जमीन दी जाएगी। जरूरी निर्माण के लिए इतनी भूमि पर्याप्त है। पुराने विश्वविद्यालय कैंपस की तरह अब 100-200 एकड़ जमीन नहीं मिलेगी।

यूटीडी के साथ हॉस्टल, लाइब्रेरी सब कुछ

करीब 25 एकड़ जमीन एसएनपीवी को आवंटित करने पर प्रशासन ने हामी भर दी है। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। शहर से करीब 8 किमी की दूरी पर लोकेशन फाइनल की गई है। सूत्रों के मुताबिक कोतरलिया में ही एनसीसी को भी पांच एकड़ जमीन दी जा रही है। एक स्टेडियम का भी निर्माण होगा, जो विश्वविद्यालय के काम आएगा।

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: