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अब सड़कों पर होगा प्लास्टिक वेस्ट मटेरियल का इस्तेमाल

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  • डामर के साथ 8 प्रश तक मिलाने की अनुमति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में मिलेगी राहत

रायगढ़, (केलो प्रवाह)। बहुत जल्द सडक़ों के निर्माण में एक नई तकनीक उपयोग की जाने वाली है। इंडियन रोड कांग्रेस की गाइडलाइंस के मुताबिक डामर के साथ 8 प्रश तक प्लास्टिक वेस्ट को उपयोग किया जा सकता है। इस पर अमल करने के लिए सभी नगरीय निकायों को आदेश दिया गया है। प्रत्येक शहरी क्षेत्र में प्लास्टिक का कचरा बहुत बड़ी परेशानी बन चुका है। इसका निपटारा करने में परेशानी हो रही है। हर गली, हर मोहल्ले में प्लास्टिक का ढेर लगा है। इसका उठाव हो रहा है लेकिन निपटारा नहीं हो रहा है। कंप्लीट डिस्पोजल के लिए जरूरी है कि उस प्लास्टिक का रीयूज हो।

इसके लिए अब इंडियन रोड कांग्रेस की गाइडलाइंस जारी की गई हैं जिसका पालन करने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को आदेश दिया है। डामर सडक़ों के निर्माण में प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग किया जा सकता है। ड्राई प्रोसेस से प्लास्टिक कचरे को डामर के साथ गिट्टी के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता है। आदेश के मुताबिक अब ठेकेदारों के साथ मिलकर प्रोसेस्ड और श्रेडेड प्लास्टिक की आपूर्ति की जाएगी।

नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट केंद्रों और ठेकेदारों के बीच टाई अप किया जाएगा। डामरीकृत सडक़ों के ठेकेदारों से एमओयू किया जाएगा। निकाय द्वारा बनाए जाने वाली डामर सडक़ की निविदा शर्तों में प्लास्टिक अपशिष्ट का उपयोग अनिवार्य किया जाए। रायगढ़ जिले में सभी नगरीय निकायों में रोजाना भारी मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट निकल रहा है।

डामर से पहले उच्च तापमान पर प्लास्टिक मिक्स

प्लास्टिक अपशिष्ट को एकत्र करने के बाद साफ करने के बाद सुखाया जाएगा। इसके बाद ही उसको छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दिया जाएगा। तभी इसका उपयोग प्रभावी होगा। इसके बाद करीब 140-170 डिग्री तापमान में प्लास्टिक को गिट्टी के साथ मिक्स किया जाएगा। फिर डामर के साथ मिलाकर मिक्सचर तैयार किया जाएगा जो रोड में उपयोग होगा।

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