रायगढ़ (केलो प्रवाह)। इन दिनों देश में वोट चोरी का मुद्दा काफी गरमाया हुआ है। एक ओर कांग्रेस देश भर में वोट चोरी का मुद्दा उठाकर बीजेपी सरकार और निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही है तो वहीं दूसरी ओर उसी कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में फर्जी वोटिंग के आरोप लग रहे हैं। रायगढ़ जिले में यूथ कांग्रेस के चुनाव के दौरान पदाधिकारियों और प्रत्याशियों के मोबाइल नंबर से उनकी जानकारी के बिना वोट डाले जाने का मामला सामने आया है। प्रत्याशियों पदाधिकारियों का दावा है कि जिले में करीब 8 सौ से एक हजार वोट फर्जी तरीके से डाले गए हैं। उन्होंने चुनाव अधिकारी और अनुशासन समिति को इस संबंध में लिखित आपत्ति दर्ज कराई है।
विपक्ष में बैठी कांग्रेस इन दिनों वोट चोरी के मुद्दे को लेकर पूरे देश में आंदोलन कर रही है तथा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर अब कांग्रेस में संगठनात्मक चुनाव में वोट चोरी होने व फर्जी वोटिंग का आरोप लग रहा है। तकरीबन महीने भर तक चले यूथ कांग्रेस चुनाव के दौरान जिले में कुल करीब 26 हजार 145 वोट पड़े हैं। 29 सितंबर को वोटिंग प्रक्रिया बंद हो गई है, लेकिन प्रत्याशियों और यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी के एक विंग का आरोप है कि 30 सितंबर को एप में दोबारा लॉगिन करने पर वोटों की संख्या बड़ी हुई नजर आई है।
उनका यह भी कहना है कि ऐप में ऐसे प्रत्याशियों की वोटिंग भी दिख रही है जिसे उन्होंने वोट किया ही नहीं है। प्रत्याशियों और यूथ कांग्रेस के एक धड़े का कहना है कि एक दो नहीं बल्कि बड़े पैमाने में इस तरह की गड़बडिय़ां सामने आई है। कुछ दूसरे जिले के वोटर भी अकाउंट में नजर आ रहे हैं। प्रत्याशियों की मानें तो जिले में तकरीबन 8 सौ से एक हजार वोट फर्जी तरीके से डाले गये हैं। वहीं युवक कांग्रेस के एक धड़े ने चुनाव अधिकारी और अनुशासन समिति को पत्र लिखकर संदिग्ध वोटों की जांच कराने और फर्जी पाए जाने वाले वोटों को निरस्त करने की मांग की है।
क्या कहते हैं अनमोल
कई गड़बड़ी के मामले सामने आये हैं। कई कार्यकर्ता तथा पदाधिकारी जो अपने मोबाईल से वोट करा रहे थे उनके में आखिरी के दो तीन दिनों में फर्जी वोटों की संख्या देखने को मिली, क्योंकि पैनल बना कर पंक्तिबद्ध तरीके से संगठन को साथ लेकर चुनाव लड़ रहे थे और अचानक से देखने को मिला कि जिसके हम पक्षधर नहीं थे उन्हें भी काफी वोट पड़े हैं और अब ऐप न तो ओपन हो रहा है और न ही भुगतान का आप्शन आ रहा है। यह पूर्णत: गलत है। तमाम कोशिशों के बावजूद भी हमने वास्तविक वोट कराने का प्रयास किया है। मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिर हमारे मोबाईन व हमारी ओटीपी पर लागिंग कैसे किया गया? यह निजी सुरक्षा का सवाल है और साथ ही इसमेें लाइव लोकेशन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है तो एक छुहीखदान का वोट रायगढ़ जिले के सीमा में नहीं आता वहां उसका वोट कैसे पड़ा? यह सोचनीय विषय है। चुनाव अधिकारी से ईमेल, वाट्सएप के माध्यम से तथा पत्र लिख कर शिकायत की गई है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी और उनका नामांकन रद्द होगा।
– अनमोल अग्रवाल
क्या कहते हैं आरिफ
संगठन के चुनाव में हमारे जो लोग वोटिंग करा रहे थे उनके ऐप में बहुत सारे फर्जी वोट अपने आप हुए हैं। यह पूरी घटना एक माह के चुनाव में आखिरी के तीन दिन हुई है। कुछ लोगों के द्वारा साजिश कर के बाहर से टीम हायर करते हुए चुनाव को खराब करने का प्रयास किया गया है और फर्जी वोटिंग कराई गई है। इसकी निष्पक्ष रूप से जांच होनी चाहिए और जिन लोगों ने ऐसा कृत्य किया है उनका नामांकन रद्द कर उनके विरूद्ध उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या कहते हैं शाखा
यूथ कांग्रेस चुनाव का संचालन दिल्ली से हो रहा है। चुनाव को लेकर यूथ कांग्रेस के प्रत्याशियों और पदाधिकारियों को किसी तरह की कोई शिकायत है तो उन्हें प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व से इस संबंध में शिकायत करनी चाहिए। जिला स्तर पर इस तरह की कोई शिकायत हमें नहीं मिली है।
– शाखा यादव























