छोड़कर सामग्री पर जाएँ

ओवरलोड गाड़ियों को पकड़ने बने वे-ब्रिज, कब शुरू होंंगे पता नहीं

IMG 20240806 WA0019
  • नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधीन प्रदेश के सभी बॉर्डर में टोल नाकों पर लगा धर्मकांटा, रेंगालपाली टोल नाके में भी दोनों ओर स्थापित

रायगढ़। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अंतर्राज्यीय बॉर्डरों पर टोल नाके स्थापित किए हैं। इन टोल गेटों पर वे-ब्रिज भी स्थापित किए गए हैं। मालवाहक वाहनों को यहां से गुजारा जाना है। ओवरलोड पाए जाने पर वहीं पेनाल्टी होगी जो शासन के खाते में जाएगी। नेशनल हाईवे में यह एक नया प्रावधान जोड़ा गया है। ओवरलोड वाहनों के कारण सडक़ खराब होने की वजह से यह कदम उठाया गया है। रेंगालपाली एनएच में टोल नाके पर दोनों ओर किनारे में वे-ब्रिज स्थापित किए गए हैं। इसे जल्द ही शुरू किया जाएगा।

मिली जानकारी के मुताबिक सभी इंटरस्टेट बॉर्डर में ऐसे ही वे-ब्रिज स्थापित किए जा रहे हैं। सभी जगहों पर स्थापना होने के बाद इन्हें शुरू किया जाएगा। कई वाहनों में पासिंग क्षमता और पर्ची से ज्यादा लोड परिवहन किया जाता है। इससे सडक़ खराब होती है। ऐसे वाहनों को वे-ब्रिज में से गुजारा जाएगा। वजन पासिंग अनुमति से अधिक मिलने पर पेनाल्टी की जाएगी। पेनाल्टी चुकाने पर ही गाड़ी आगे जाएगी। यह वे-ब्रिज ऑनलाइन सर्वर से जुड़ा होगा। जो भी गाड़ी इससे गुजरेगी उसकी एंट्री करते ही पूरी डिटेल आ जाएगी। इससे ओवरलोड गाडिय़ों में कमी आएगी।

कब शुरू होगा, पता नहीं
टोल गेट के बाजू में दोनों ओर वे-ब्रिज बनाए जा चुके हैं। लेकिन यह कम शुरू होंगे, इसका जवाब न तो टोल नाका प्रभारी के पास है और न ही एनएच अधिकारियों के पास। कहा जा रहा कि दूसरे टोल नाकों में इसका निर्माण होने के बाद एकसाथ इसे शुरू किया जाएगा।

img 20240806 wa00201324722851527249628

क्या कहते हैं गुप्ता
एनएचएआई ने ये वे-ब्रिज स्थापित कराए हैं। ओवरलोड वाहनों की जांच के बाद पेनाल्टी होगी। इसे एनएचएआई ही शुरू करवाएगा।
– महेश गुप्ता, एसडीओ, एनएच

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: