रायगढ़। राजनीति में जब भी किसी कैबिनेट मंत्री के आगमन की चर्चा होती है, तो अमूमन सुरक्षा वाहनों का लंबा काफिला, सायरन की आवाज और जाम में फंसी आम जनता की तस्वीर उभरती है। लेकिन रायगढ़ की सड़कों पर एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वीआईपी कल्चर की पारंपरिक परिभाषा को पूरी तरह बदल कर रख दिया। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी अपनी शासकीय लग्जरी गाड़ियों और सुरक्षा दल को छोड़कर एक कार्यकर्ता की स्कूटी पर पीछे बैठकर निकले। सड़कों पर चलते वक्त उन्हें देखकर बिल्कुल भी यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था कि वे प्रदेश के एक कद्दावर मंत्री (VVIP) हैं। सोशल मीडिया पर उनकी इस सहजता का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
आम जनता को ट्रैफिक और असुविधा से बचाने की पहल
त्योहारों के दौरान शहर के व्यस्ततम इलाकों और बाजारों की सड़कों पर आम नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे पार्किंग और आवागमन की बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। सामान्य तौर पर जब कोई कैबिनेट मंत्री बड़ा काफिला लेकर निकलता है, तो सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत रूट डायवर्ट किए जाते हैं या ट्रैफिक को रोक दिया जाता है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा होती है। जनता की इसी व्यावहारिक परेशानी और जाम की स्थिति को समझते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने काफिले का उपयोग न करने का निर्णय लिया और कार्यकर्ता की स्कूटी पर सवार होकर सीधे आयोजन स्थलों की ओर निकल पड़े।
सुरक्षा घेरे और बैरिकेड्स से दूर दिखे बेहद सहज
दोपहिया वाहन से सफर करने के बाद जब वे आयोजन स्थलों पर पहुंचे, तो वहां भी उनका अंदाज पूरी तरह गैर-वीआईपी रहा। वे किसी विशेष सुरक्षा घेरे या बैरिकेड्स के बजाय, वहां मौजूद आम नागरिकों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के बीच जाकर खड़े हो गए। उन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चन की और वहां उपस्थित लोगों के साथ बेहद साधारण तरीके से समय बिताया। स्थानीय लोगों ने अपने विधायक को इस तरह बिना किसी तामझाम के एक परिवार के सदस्य की तरह अपने बीच पाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इसे दिखावे से परे जनसरोकार की असली मिसाल बता रहे हैं।
अपने कार्यकर्ताओं के साथ स्कूटी पर सवार होकर माता के पंडाल जाते हुए ओपी चौधरी






























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