छोड़कर सामग्री पर जाएँ

रायगढ़ पुलिस की अनूठी पहल : डायल-112 और कोतवाली पुलिस ने गुमशुदा महिला को 24 घंटे में खोजकर सुरक्षित परिजनों से मिलाया

Unique initiative of Raigarh Police

रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर रायगढ़ पुलिस आमजन की सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी कड़ी में कोतवाली पुलिस ने एक मानसिक रूप से परेशान गुमशुदा महिला को सुरक्षित संरक्षण प्रदान करते हुए उसके परिजनों से मिलाकर संवेदनशील पुलिसिंग का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

जानकारी के अनुसार 01 जुलाई की शाम लगभग 4:00 बजे डायल-112 को सूचना प्राप्त हुई कि श्री साईं हेरिटेज, ढिमरापुर के पास एक महिला लोगों से उसे सक्ती छोड़ने की बात कह रही है और उसकी मानसिक स्थिति सामान्य प्रतीत नहीं हो रही है। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित थाना कोतवाली लेकर आई। थाने में महिला से धैर्यपूर्वक पूछताछ की गई, लेकिन वह केवल अपना नाम बताकर बार-बार सक्ती जाने की जिद करती रही। वह अपने घर का पता अथवा किसी परिजन का मोबाइल नंबर नहीं बता सकी। महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात्रि में उसे सखी सेंटर में सुरक्षित ठहराने की व्यवस्था की गई।

इधर थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल के निर्देशन में महिला का फोटो विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में साझा कर उसके परिजनों की तलाश शुरू की गई। अगले दिन कुछ लोग थाना कोतवाली में एक महिला की गुमशुदगी की जानकारी देने पहुंचे। जब उन्होंने महिला का हुलिया बताया तो पुलिस ने उन्हें महिला का फोटो दिखाया, जिसे उन्होंने तत्काल अपने परिवार की महिला के रूप में पहचान लिया। परिजनों ने बताया कि महिला कभी-कभी मानसिक अस्वस्थता के कारण इस प्रकार घर से निकल जाती है।

इसके बाद परिजनों को महिला के सकुशल होने तथा सखी सेंटर में सुरक्षित रखे जाने की जानकारी दी गई। परिजनों ने बताया कि महिला का मायका रायगढ़ और सक्ती ससुराल है । कुछ दिनों से मायके आकर रह रही थी, थाना कोतवाली में आवश्यक वैधानिक एवं औपचारिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद महिला को सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। महिला को सकुशल वापस पाकर परिजनों ने रायगढ़ पुलिस की संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया।

इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, सहायक उप निरीक्षक कोसो सिंह जगत, महिला आरक्षक अनीता बेक, डायल-112 में पदस्थ आरक्षक एडवर्ड कुजूर तथा ईआरवी वाहन चालक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: