सक्ति। आईपीएल क्रिकेट मैचों के रोमांच के बीच सट्टेबाजी का काला कारोबार भी जोरों पर है, लेकिन पुलिस ने इस पर करारा प्रहार किया है। हटरी धर्मशाला के पास ऑनलाइन सट्टा खिला रहे दो सटोरियों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मैच में हर बॉल, रन और हार-जीत पर लाखों का दांव लगवा रहे थे। पुलिस ने इनके पास से 1 लाख 64 हजार रुपये कीमत के चार हाई-एंड मोबाइल और नकदी बरामद कर दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मुखबिर की सूचना पर हुई सटीक दबिश
जिले में आईपीएल के दौरान सट्टा और जुआ जैसी अवैध गतिविधियों पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक प्रफ्फुल कुमार ठाकुर ने विशेष अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में एडिशनल एसपी पंकज पटेल और एसडीओपी डॉ. भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में सक्ती थाना पुलिस लगातार मुखबिरों के संपर्क में थी। 15 मई को पुलिस को पक्की भनक लगी कि हटरी धर्मशाला के पास रहने वाले आदर्श अग्रवाल और श्रेयांश अग्रवाल अपने-अपने मोबाइल से बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट कर रहे हैं।
छापामार कार्रवाई में रंगे हाथों धराए आरोपी
सूचना को पुख्ता कर थाना सक्ती और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर रेड मारी। पुलिस की इस दबिश से सटोरियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला और दोनों संदिग्ध हालत में मोबाइल पर सट्टा संचालित करते धरे गए। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूलते हुए अपनी पहचान आदर्श अग्रवाल (25 वर्ष, पिता- विवेक अग्रवाल) और श्रेयांश अग्रवाल (22 वर्ष, पिता- संदीप अग्रवाल) के रूप में बताई। दोनों हटरी धर्मशाला के पास, सक्ती के ही रहने वाले हैं।
QR कोड और WhatsApp से चल रहा था सिंडिकेट
पुलिस की सघन जांच में पता चला कि ये सटोरिए बेहद शातिराना अंदाज में काम कर रहे थे। दोनों आरोपी विभिन्न ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स और सट्टा साइट्स पर आईडी तैयार करते थे। इसके बाद वाट्सएप के जरिए ग्राहकों को आईडी और पासवर्ड बांटे जाते थे। सट्टे की रकम के लेन-देन के लिए बाकायदा क्यूआर (QR) कोड भेजकर ऑनलाइन भुगतान लिया जा रहा था। पुलिस ने जब आरोपियों से इस काम के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे, तो वे कोई जवाब नहीं दे सके और न ही कोई दस्तावेज पेश कर पाए।
लाखों का माल जब्त, तलाश रहे ‘बड़े मगरमच्छ’
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी आदर्श अग्रवाल के कब्जे से लगभग 80 हजार रुपये कीमत के 2 मोबाइल फोन और 4 हजार रुपये नकद बरामद किए। वहीं, दूसरे आरोपी श्रेयांश अग्रवाल से लगभग 84 हजार रुपये कीमत के 2 मोबाइल फोन जब्त किए गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ ‘छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022’ की धारा 07 के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

इस पूरी कार्रवाई में सक्ती थाना पुलिस और साइबर टीम की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही। फिलहाल पुलिस जब्त मोबाइलों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की कुंडली खंगाली जा रही है, ताकि इस अवैध ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बड़े खाईवालों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
























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