कृषि डेस्क। अक्सर हम आपको खेती किसानी के बारे में नई-नई जानकारी देते रहते हैं ताकि किसान भाइयों का अधिक से अधिक मुनाफा हो इसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसी फसल के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी खेती में लागत से कई गुना ज्यादा प्रॉफिट होती है। जी हां हम बात कर रहे हैं अरबी की C-9 किस्म की की। यह क़िस्म बेहद लोकप्रिय है क्योंकि उच्च पैदावार और गुणवत्ता वाली है। इस किस्म के कंद और पत्ते दोनों ही गुणवत्तापूर्ण होते है। जिसकी डिमांड हमेशा बाजार में बनी रहती है और जिसकी खेती किसानों के लिए “पैसा छापने की मशीन” साबित हो रही है। अरबी की सी-9 किस्म यह अरबी की उन्नत और लोकप्रिय वैरायटी है, जो कम समय में अधिक उपज देने के लिए जानी जाती है। इसके कंद और पत्ते दोनों ही काफी गुणवत्तापूर्ण होते हैं, इसलिए इसका इस्तेमाल खाने में भी बहुत पसंद किया जाता है।
खेती में कम खर्च, ज़्यादा फायदा
सी-9 अरबी की खेती के लिए सबसे उपयुक्त होती है जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी, जिसका pH स्तर 5.5 से 7.0 के बीच हो। खेती शुरू करने से पहले खेत की अच्छी तरह से गहरी जुताई करें और उसमें भरपूर मात्रा में गोबर की खाद या जैविक खाद मिलाएं। बुवाई के लिए स्वस्थ और रोगमुक्त कंदों का ही चयन करें।
सिर्फ 120 दिन में फसल तैयार
अरबी की सी-9 किस्म महज़ चार महीने यानी करीब 120 दिन में तैयार हो जाती है। अगर आप एक हेक्टेयर में इसकी खेती करते हैं तो इसकी औसत पैदावार 22 से 33 टन तक हो सकती है। बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है, जिससे किसान आसानी से 4 से 5 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं।
क्यों है यह किस्म खास?
- तेज़ी से तैयार होने वाली फसल
- उच्च गुणवत्ता और स्वाद
- कंद और पत्ते दोनों बिकाऊ
- मांग में हमेशा बनी रहती है
- मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मददगार
तो अगर आप खेती से अच्छी आमदनी करना चाहते हैं, तो अरबी की सी-9 किस्म एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है। आज़माइए इस खेती को और खुद देखिए इसके बेहतरीन नतीजे।























