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यह कोई बैंक नहीं, रजिस्ट्री के लिए कार्यालय है

रायगढ़। अगर किसी के मन में पुराने रजिस्ट्री कार्यालय की छवि है, तो उसे मिटा दीजिए। रायगढ़ का नया उप पंजीयक कार्यालय एक मॉडल बन गया है। यह कोई रजिस्ट्री कार्यालय की तरह नहीं बल्कि बैंक की तरह नजर आता है। यहां वेटिंग चेयर्स भी हैं और बैंंक की तरह काउंटर भी। सामने गेट पर चमकता बोर्ड, अंदर घुसते ही अलग-अलग काउंटर, कस्टमर रिलेशन मैनेजर, अलग वेटिंग जोन, हाई क्वालिटी कांच के दरवाजे जिस पर रायगढ़ का विशाल नक्शा, यह नजारा है रायगढ़ के नए उप पंजीयक कार्यालय का, जहां जमीनों की रजिस्ट्री मिनटों में हो सकेगी। छग सरकार पंजीयन विभाग ने आधे घंटे में रजिस्ट्री पूरा करने के लिए संसाधनों का विकास करना भी प्रारंभ कर दिया है। पहले डिजिटल तरीके से उप पंजीयक कार्यालयों को तकनीक से लैस किया।

अब पायलट प्रोजेक्ट की तरह उप पंजीयक दफ्तरों का कायाकल्प किया जा रहा है। पहले चरण में केवल रायपुर और रायगढ़ के ही उप पंजीयक कार्यालयों को चुना गया है। रायगढ़ मुख्यालय के उप पंजीयक कार्यालय को ब्यूल्ट, ओन, ऑपरेट, ट्रांसफर मॉडल में बनाया गया है। बीएलएस कंपनी को इसका ठेका दिया गया था जिसने बेहद तेजी से निर्माण किया है। पुराने उप पंजीयक कार्यालय की दीवारें तोडक़र बिल्कुल नया चमचमाता कार्यालय बना दिया गया है। यहां केवल उप पंजीयक का केबिन अलग दिया गया है। रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अलग वेटिंग लाउंज बनाया गया है। पूरा कार्यालय ही एयर कंडीशन्ड है। दस्तावेजों के लिए अलग रूम बनाया गया है। प्रदेश में केवल रायपुर और रायगढ़ के ही उप पंजीयक कार्यालयों को मॉडल बनाया गया है।

बीओओटी के तहत दिया है ठेका

उप पंजीयक कार्यालय में पूरा काम आउटसोर्स कर दिया गया है। केवल उप पंजीयक ही छग सरकार के कर्मचारी होंगे। बीएलएस कंपनी को इसका काम ब्यूल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर मॉडल पर 2024 में दिया गया था। सारे कर्मचारी कंपनी के ही होंगे। कुछ समय के लिए दफ्तर का मेंटेनेंस भी यही कंपनी करेगी। यह भी कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पण कराया जा सकता है।