छोड़कर सामग्री पर जाएँ

यह किसान है सबका गुरु! यूट्यूब से देखकर शुरू की खेती, अब कमा रहे लाखों, 8000 हेक्टेयर में हल्दी की क्रांति, जानिए कैसे

Screenshot 20251016 091433 Google28129

क्या आप जानते हैं कि एक साधारण किसान यूट्यूब से खेती की तकनीक सीखकर लाखों कमा सकता है? मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के एक किसान ने यह कर दिखाया है। सुनील महाजन ने यूट्यूब की मदद से हल्दी की खेती शुरू की और आज उनका मुनाफा इतना है कि महाराष्ट्र के व्यापारी खुद उनके खेतों में आकर हल्दी खरीद रहे हैं। मध्य प्रदेश के किसान लगातार खेती में नए प्रयोग (नवाचार) कर रहे हैं, जिसका मुख्य लक्ष्य खेती से अच्छी आय अर्जित करना है। इसी कड़ी में बुरहानपुर जिले के लोनी गांव के किसान सुनील महाजन ने एक अनोखी पहल की। उन्होंने यूट्यूब (YouTube) को अपना कृषि गुरु बनाया और हल्दी की खेती की उन्नत तकनीकों को सीखा। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह और अपनी मेहनत से उन्होंने इन तकनीकों को ज़मीन पर उतारा। आज, वह हर साल हल्दी की खेती से लाखों रुपये कमा रहे हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।

8000 हेक्टेयर में हल्दी की खेती की लहर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार किसान सुनील महाजन ने बताया कि पहले बुरहानपुर जिले में हल्दी की खेती बहुत कम होती थी। लेकिन, जब उन्होंने यूट्यूब से सीखकर खेती शुरू की, तो अन्य किसानों ने भी उनसे प्रेरणा ली। आज आलम यह है कि पूरे जिले में लगभग 8000 हेक्टेयर जमीन पर हल्दी की खेती हो रही है, जिससे यह क्षेत्र हल्दी उत्पादन के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है।

हल्दी की खेती: कितना खर्च, कितना मुनाफा?

सुनील महाजन ने हल्दी की खेती से जुड़े आर्थिक पहलुओं की जानकारी दी। उनके अनुसार:

  • प्रति एकड़ खर्च: हल्दी की खेती में प्रति एकड़ लगभग ₹75,000 से ₹85,000 का खर्च आता है।
  • उत्पादन: एक एकड़ में लगभग 18 क्विंटल हल्दी का उत्पादन होता है।
  • आय: एक क्विंटल हल्दी लगभग ₹15,000 में बिक जाती है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा होता है।

यह डेटा स्पष्ट करता है कि हल्दी की खेती किसानों के लिए एक अत्यधिक लाभदायक व्यवसाय बन सकती है।

बाजार का गणित बदला: अब किसान नहीं, व्यापारी चलकर आ रहे हैं

सुनील महाजन ने बताया कि जब शुरुआत में कुछ ही किसान हल्दी लगाते थे, तो उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए महाराष्ट्र के सांगली जैसी दूर की मंडियों में जाना पड़ता था। यह प्रक्रिया काफी थकाऊ और खर्चीली थी। लेकिन, अब जब बुरहानपुर में 8000 हेक्टेयर में हल्दी की बड़े पैमाने पर खेती हो रही है, तो बाजार का गणित पूरी तरह से बदल गया है। अब महाराष्ट्र के व्यापारी खुद किसानों के खेतों तक चलकर आ रहे हैं और सीधे हल्दी की खरीदारी कर रहे हैं। वर्तमान में, किसान सुनील महाजन के अनुसार, सूखी हुई हल्दी ₹12,000 से ₹18,000 प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रही है। किसानों को अपने खेत पर ही इतना अच्छा मूल्य मिलना उनके लिए एक बड़ा फायदा है।

बहरहाल किसान सुनील महाजन की यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि इंटरनेट (यूट्यूब) और नवाचार (Innovation) का सही इस्तेमाल करके खेती को भी एक हाई-प्रोफिट बिज़नेस बनाया जा सकता है। उनकी पहल ने न सिर्फ उनकी अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि पूरे जिले को हल्दी उत्पादन के नक्शे पर ला दिया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक बड़ा बूस्ट मिला है। यह अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे पारंपरिक खेती में आधुनिक ज्ञान का समावेश कर बंपर कमाई की जा सकती है।

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: