डेस्क। खेती अगर समझदारी से की जाए तो यह किसी भी किसान की तकदीर बदल सकती है। उत्तर प्रदेश के स्वार क्षेत्र के किसान कामिन्दर इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। उन्होंने अपनी 2 बीघा जमीन पर चुकंदर (बीटरूट) की खेती शुरू की और बताया कि यह फसल केवल ढाई महीने में तैयार होकर उन्हें सीधा लाखों का मुनाफा दिला देती है।
कामिन्दर का कहना है कि एक सीजन में उन्हें करीब 50 क्विंटल तक पैदावार मिल जाती है। अगर बाजार भाव सही रहा तो केवल एक फसल से ही करीब 1.5 लाख रुपये की कमाई हो सकती है। यही वजह है कि वे हर सीजन चुकंदर की खेती करना पसंद करते हैं, क्योंकि इसमें लागत कम और मुनाफा ज्यादा है।
क्यों खास है चुकंदर की खेती?
यह फसल तेजी से तैयार होती है (सिर्फ 70–80 दिन में)।
बाजार में हमेशा मांग रहती है, चाहे जूस हो, सलाद हो या प्रोसेसिंग इंडस्ट्री।
स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद होने के कारण उपभोक्ता आसानी से इसे खरीद लेते हैं।
खेती कैसे करें?
चुकंदर की बुवाई सितंबर के आखिरी या अक्टूबर–नवंबर में करना सबसे बेहतर रहता है।
बलुई दोमट मिट्टी और 6 से 7 पीएच वाली जमीन इसमें सबसे उपजाऊ साबित होती है।
बीज बोने से पहले खेत में गोबर की खाद डालना लाभकारी होता है।
पहली सिंचाई बीज बोने के तुरंत बाद और दूसरी लगभग 20–25 दिन बाद करनी चाहिए।
रोगों से बचाने के लिए समय-समय पर फफूंदनाशक का छिड़काव करना जरूरी है।
किसानों के लिए सुनहरा मौका
कम समय और कम लागत वाली यह फसल आज किसानों की पहली पसंद बनती जा रही है। जिन किसानों के पास सीमित जमीन है, वे भी इससे मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। कामिन्दर जैसे किसान बताते हैं कि चुकंदर की खेती ने उनकी आमदनी को एक नया सहारा दिया है और अब वे इसे कमर्शियल स्तर पर भी करने की सोच रहे हैं।
अगर आप भी खेती से जल्दी और अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो चुकंदर की खेती आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है।























