रायगढ़। नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा होते ही वार्डों में जनता ने अपने पार्षदों के कार्यकाल की समीक्षा शुरू कर दी है। वादे कितने पूरे हुए और किन समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हुआ, इस पर चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में केलो प्रवाह की टीम ने बेलादुला वार्ड क्रमांक 21 का दौरा कर नागरिकों से बातचीत की, जहां लोगों ने अपनी परेशानियों को साझा किया और सुझाव भी दिए।
मतदाता और दावेदार
वार्ड 2 शहर का महत्वपूर्ण इलाका है, जिसमें 3120 मतदाता हैं, जिसमें 1574 पुरुष और 1546 महिला मतदाता शामिल हैं। यह सीट इस बार अनारक्षित वर्ग (मुक्त) के लिए आरक्षित हैं। निकाय चुनाव में भाजपा ने अधिवक्ता संजय दास को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस से हर्षदीप सिंह शयाल (साहिब) चुनावी मैदान में हैं।
केलो प्रवाह के साथ समस्याओं पर खुला संवाद
वार्ड के विभिन्न मोहल्लों में निवासियों ने अपनी समस्याओं को लेकर केलो प्रवाह से खुलकर संवाद किया। आईए जानते हैं जनता ने क्या कहा..

मंगल भवन में सुविधाओं का अभाव
संगीत चौक के पास स्थानीय नागरिकों अरविंद महापात्र, समेलाल यादव, राजेन्द्र मिश्रा, प्रशांत गुप्ता और जितेंद्र बोहिदार ने बताया कि केलो नदी के किनारे बना मंगल भवन बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। पानी और बिजली की समस्या के साथ-साथ भवन का आकार भी छोटा है, जिससे कार्यक्रमों के आयोजन में दिक्कतें आती हैं। बुजुर्ग बसंती यादव ने मांग की कि मंगल भवन तक पहुंचने वाले कठिन रास्ते को सीढ़ीनुमा बनाया जाए और रेलिंग लगाई जाए ताकि बुजुर्गों को सुविधा मिल सके। मोहल्ले वालों ने एक और सामुदायिक भवन की मांग की है।

नालियों की अव्यवस्था बनी गंभीर समस्या
खर्राघाट सामुदायिक भवन के पास नालियों की अव्यवस्था भी प्रमुख समस्या बनी हुई है। नीलकंठ पटनायक ने बताया कि दो में से एक नाली व्यर्थ साबित हो रही है, नालियां सफाई के अभाव में जाम हैं। सब्जी विक्रेता भरत साहू ने नियमित सफाई की जरूरत बताई। केसी शर्मा, सरोज कुमार शर्मा और एआर साहू बेलादुला ने बताया कि कचरा डंपिंग के कारण गंदगी का माहौल है, और बारिश के दौरान नालियों में जलभराव हाल बेहाल कर देता है। उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्य नाली से अलग-अलग नई नालियां बनाई जाएं, जिससे पानी सीधे केलो नदी में प्रवाहित हो सके।

बरसात में जलभराव बड़ी समस्या
गुलमोहर कॉलोनी के लोकेश कुमार देवांगन और यश अंबवानी ने कहा कि बरसात के दौरान जलभराव से स्थिति भयावह हो जाती है। वहीं, सुरेश कुमार नंदे और गौरीशंकर यादव ने बताया कि बेलादुला इंदिरा चौक के पास ट्रस्ट की जमीन पर झाड़ियों और गंदगी का ढेर लगा हुआ है, जिससे जलनिकासी प्रभावित हो रही है। नंदे ने बताया कि बीती रात मोहल्ले में खड़ी एक कार के चारों पहियों की चोरी कर ली गई। यहां असुरक्षा की भावना जाग रही है।

एक मकान बना जुआ का अड्डा
इसी बीच, नाम न बताने की शर्त पर लोगों ने बताया कि बेलादुला में नील माधव मंदिर के पास एक मकान में जुआ और नशाखोरी का अड्डा चल रहा है, जिससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

घाट में पचरी निर्माण की मांग
खर्राघाट की लक्ष्मी सिदार, दुतिका यादव और गंगा किसान ने बताया कि अमृत मिशन के तहत जल आपूर्ति कनेक्शन तो मिला, लेकिन पानी नहीं आ रहा है। हालांकि नगर निगम के बोर से पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं है। मोहन दास और अन्य लोगों ने बताया कि नदी किनारे महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग पचरी बननी चाहिए, क्योंकि पुरानी पचरी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। महिलाओं ने कहा कि इस क्षेत्र में कई वार्डों के लोग सामाजिक कार्यों के लिए आते हैं, लेकिन मरीन ड्राइव की हालत खराब हो चुकी है। धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की मांग उठ रही है।

जू़देव बाल उद्यान के विकास की मांग
श्रीराम कॉलोनी के निवासियों ने जूदेव बाल उद्यान की स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस गार्डन में न तो कोई उचित व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है। लोग अपने बच्चों को खेलने के लिए यहां लाते हैं, लेकिन गंदगी और अव्यवस्थाओं के कारण यह स्थल उपयोगी नहीं रह जाता। कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि इस गार्डन को विकसित किया जाए ताकि बच्चों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ खेलने की जगह उपलब्ध हो सके।


बेतरतीब बिजली खंभों और ट्रांसफार्मर से हादसों का खतरा
बेलादुला की उर्वशी यादव ने बताया कि उनके घर के पास बिजली का खंभा खड़ा है, जिससे करंट लगने का खतरा बना रहता है। श्रीराम कॉलोनी और अन्य मोहल्लों में भी करीब एक दर्जन खंभे बेतरतीब लगाए गए हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। खर्राघाट में एक ट्रांसफार्मर जमीन से लगा हुआ है, जहां बच्चे शाम को खेलते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इसे यहां से हटा देना चाहिए या सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए ताकि कोई दुर्घटना न हो।

सुविधा विहीन मुक्तिधाम
मुक्तिधाम की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। यहां न पानी की व्यवस्था है, न चबूतरा या बैठने की सुविधा, और न ही साफ-सफाई का कोई इंतजाम। जब लोग अंतिम विदाई देने जाते हैं, तो उन्हें इन अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता है। इस संवेदनशील मुद्दे पर पार्षद का ध्यान नहीं गया है, जिससे शोक संतप्त परिजनों को और भी कठिनाई होती है।

भोलेनगर की समस्याएं, भविष्य में और बढ़ेंगी?
भोलेनगर के बीआर राव, गीता राव, भगवती देवांगन, सीता देवांगन, संतोषी नायक, पिंकी देवांगन, सकून श्रीवास, हेमा देवांगन, सुलोचना शर्मा, अहिल्या होता धनबाई यादव, मधुबाला, झरना बाई, कौशल्या, शांति देवांगन, मंजू दास और देवमती देवांगन शामिल हैं, ने अपनी परेशानियों को उजागर करते हुए कहा कि उनके मोहल्ले में वर्षों से सड़क का निर्माण नहीं हुआ है और नालियां जाम पड़ी हैं। बारिश के मौसम में पूरा मोहल्ला पानी में डूब जाता है। महिलाओं ने बताया कि भोला नगर में चार नई कालोनियों का निर्माण हो रहा है, जो उनके लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है।

इन निर्माण कार्यों के चलते दिन-रात ईंट, पत्थर, मिट्टी, रेत से लदी हुई गाड़ियां मोहल्ले से गुजरती हैं, जिससे सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह से बिगड़ गई है। महिलाओं का कहना है कि कॉलोनाइजर मोहल्ले की सड़क का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि उसे अपनी निजी ज़मीन पर नई सड़क बनानी चाहिए, जो मोहल्ले की सड़क से जुड़ी हो, ताकि सड़क का विस्तार हो सके। इसके अलावा, कॉलोनाइजर द्वारा अपनी नालियों को मोहल्ले की नालियों से जोड़ने से बरसात के समय जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जो दोनों मोहल्लों के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। जब इस मुद्दे पर कॉलोनाइजर से बात की गई, तो उसने किसी भी सुझाव को गंभीरता से नहीं लिया।

महिलाओं का कहना है कि जब तक कॉलोनी का निर्माण पूरा होगा, तब तक वे इन समस्याओं से जूझते रहेंगे, और जब कॉलोनी बन जाएगी, तब भी इन्हीं परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस मुद्दे पर किसी प्रकार का समाधान नहीं किया जा रहा है। अब, जो भी पार्षद और महापौर के प्रत्याशी उनके मोहल्ले में वोट मांगने आएंगे, महिलाएं उनसे यह अपील करेंगी कि वे उनकी समस्याओं का समाधान करें। साथ ही, कॉलोनाइजर द्वारा नालियों को जोड़ने से बेलादुला के लोग भी चिंतित हैं, क्योंकि इससे पानी का ओवरफ्लो उनके मोहल्ले में भी आ सकता है।

नालंदा परिसर से गुलजार होगा बेलादुला
बेलादुला के निवासियों का मानना है कि विधायक ओपी चौधरी का ड्रीम प्रोजेक्ट, नालंदा परिसर का निर्माण, उनके वार्ड में होने से बेलादुला का चेहरा बदलने वाला है। इस प्रोजेक्ट के तहत आने वाले समय में न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि बेलादुला में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहतर होगी, जो इसके समग्र विकास में अहम भूमिका निभाएगी। इसके अतिरिक्त, मरीन ड्राइव के निखरने की संभावना से बेलादुला के विकास के नए द्वार खुल सकते हैं। यह परियोजना न केवल शहर के विकास को गति देगी, बल्कि इलाके के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में भी सकारात्मक बदलाव लाएगी।


निवर्तमान पार्षद के कार्यकाल पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
पूर्व पार्षद के कार्यकाल को लेकर मोहल्लेवालों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बेलादुला की उर्मिला, कुमारी विश्वकर्मा, माधवी और प्रमिला ने उनके कार्यकाल को संतोषजनक बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा मोहल्लेवालों की मदद की। वहीं, हेम बाई साहू और पुष्पा यादव ने पार्षद सोमेश के कार्यकाल को सकारात्मक बताया और राजू मिश्रा के नेतृत्व में वार्ड के विकास को सराहा। कुछ लोगों ने कहा कि सोमेश साहू ने चुनाव जीतने के बाद लोगों की उम्मीदें जगाई थीं, लेकिन वे पांच साल में उन पर खरे नहीं उतर सके। कुछ लोगों ने कहा निवर्तमान पार्षद एक कठपुतली की तरह काम करते रहे, जिससे वार्ड का अपेक्षित विकास नहीं हो सका।

कुछ तस्वीरें






































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