छोड़कर सामग्री पर जाएँ

‛काला नमक किरण’ धान की खुशबू से महका गांव, एक एकड़ में मिल रहा पांच गुना मुनाफा.. जानिए कैसे

HYP 5172773 cropped 15052025 121449 screenshot 20250515121328 228129

पलामू (झारखंड): एक क्लिक ने किसान की किस्मत बदल दी! झारखंड के पलामू जिले के एक किसान ने यूट्यूब से मिली जानकारी के दम पर ऐसी खेती शुरू की, जिसने उन्हें लखपति बना दिया। यह कहानी है पंडवा प्रखंड के लामी पतरा गांव के किसान ओमकार नाथ की, जिन्होंने “काला नमक किरण” नामक विशेष किस्म के धान की खेती कर खेती की दुनिया में नई मिसाल कायम कर दी है।

काला नमक किरण: गौतम बुद्ध के समय से जुड़ा ऐतिहासिक धान

“काला नमक किरण” कोई आम धान नहीं है। यह वही ऐतिहासिक ‘काला नमक धान’ की आधुनिक किस्म है, जिसका इतिहास गौतम बुद्ध के समय से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश के वैज्ञानिकों ने लगभग 24 साल के शोध के बाद इसे विकसित किया है। यह धान “प्रकाश अवध संवेदी प्रजाति” का है, जो कम पानी में भी लहलहाता है और पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

ओमकार नाथ ने छोड़ी रासायनिक खेती, अपनाई ऑर्गेनिक राह

ओमकार नाथ पिछले 20 वर्षों से खेती कर रहे हैं, लेकिन बीते 5–6 सालों से उन्होंने रासायनिक खादों को पूरी तरह छोड़कर ऑर्गेनिक खेती को अपनाया है। वे अपने खेतों में जीवामृत, घन जीवामृत और वर्मी कंपोस्ट का इस्तेमाल करते हैं। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसल का स्वाद व पोषकता भी बेहतर होती है।

10 हजार की लागत में 5 गुना मुनाफा

किसान ओमकार बताते हैं कि “काला नमक किरण” की खेती में प्रति एकड़ करीब 10 से 12 हजार रुपये की लागत आती है। वहीं, फसल तैयार होने पर पांच गुना तक मुनाफा होता है। यह धान सामान्य फसलों की तुलना में 10–15 दिन देर से पकता है, लेकिन उपज और दाम दोनों ही शानदार हैं।

बाजार में सबसे महंगा धान: बासमती से भी दुगना दाम

जहां सामान्य बासमती चावल 70–80 रुपये किलो बिकता है, वहीं “काला नमक किरण” की कीमत 150 से 200 रुपये किलो तक पहुंच जाती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे Amazon पर इसका मूल्य 300 रुपये किलो तक है। इसके सुगंध, स्वाद और औषधीय गुणों ने इसे उपभोक्ताओं में तेजी से लोकप्रिय बना दिया है।

यूट्यूब बना गुरु, किसान बने मिसाल

ओमकार नाथ का कहना है कि आज सोशल मीडिया, खासकर यूट्यूब, गांवों के किसानों के लिए नई तकनीक सीखने का सबसे आसान माध्यम बन गया है। उन्होंने भी खेती के आधुनिक तरीके वहीं से सीखे और अब अपने अनुभव से आसपास के किसानों को भी इस धान की खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

अब बड़े पैमाने पर खेती का विस्तार

अब ओमकार नाथ का लक्ष्य है कि आने वाले सालों में ‘काला नमक किरण’ की खेती को बड़े पैमाने पर फैलाया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इससे जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनें। इच्छुक किसान उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं — मोबाइल: 70049 71047।

बहरहाल पलामू के इस किसान की कहानी साबित करती है कि अगर तकनीक और परंपरा को मिलाया जाए, तो खेती भी सुनहरी भविष्य की राह खोल सकती है। “काला नमक किरण” धान न केवल मुनाफे का साधन है, बल्कि यह भारत की प्राचीन कृषि विरासत और आधुनिक नवाचार का सुंदर संगम है।

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: