रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों में अब बिहार की तर्ज पर विशेष इंटेसिव रिवीजन (एसआईआर) सर्वे होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि आज रात से ही इन राज्यों में वोटर लिस्ट फ्रीज हो जाएगी। छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 80 लाख वोटर्स हैं। चुनाव आयोग ने सोमवार को बताया कि इन राज्यों में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर कल यानी 28 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। इस प्रोसेस में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा। नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे और वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियों को सुधारा जाएगा।
उन्होंने बताया कि, एसआईआर का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है। इस चरण में मतदाता सूची के अपडेशन, नए वोटरों के नाम जोड़ने और त्रुटियों को सुधारने का काम किया जाएगा। हमने एसआईआर की शुरुआत बिहार से की थी। यहां एसआईआर कामयाब रहा। इसे लेकर राज्य में जीरो शिकायतें मिलीं। एसआईआर सर्वे के तहत राज्य निर्वाचन आयुक्त के निर्देश पर प्रदेश के कलेक्टर्स ने टॉप टेबल एक्सरसाइज (पुरानी और वर्तमान लिस्ट का मिलान) प्रक्रिया पहले कराई है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के निर्देश मिलने के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त आगे की प्रक्रिया करेगा।
छत्तीसगढ़ पंचायत चुनाव में निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने 1 जनवरी 2025 की तिथि में प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या 2 करोड़ 11 लाख 5 हजार 391 बताई थी। इनमें 1 करोड़ 4 लाख 27 हजार 842 पुरुष मतदाता, एक करोड़ 6 लाख 76 हजार 821 महिला मतदाता और 728 तृतीय जेंडर मतदाता शामिल हैं। राज्य में निर्वाचकों का लिंगानुपात 1024 है। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि, एसआईआर को लेकर छत्तीसगढ़ में टेबल टॉप एक्सरसाइज (पुरानी और वर्तमान लिस्ट का मिलान) हो चुकी है। निर्वाचन आयोग से आदेश आते ही इसे राज्य के सभी जिलों में एक साथ लागू किया जाएगा। राज्य के अधिकारियों ने सर्वे को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि देश में 21 साल पहले आखिरी विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था। उन्होंने बताया कि एसआईआर में सभी योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाएगा और अयोग्य मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर किया जाएगा। सीईसी ने आगे कहा कि चुनावों से पहले एसआईआर किया जाना सबसे ज्यादा जरूरी है।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि नतीजा सबके सामने है। बिहार में एसआईआर कामयाब रहा। दूसरे फेज में 12 राज्यों और यूटी की वोटर लिस्ट अपडेट करेंगे।
आयोग का दावा है कि, उनका पूरा ध्यान केरल, तमिलनाडु, प. बंगाल, असम और पुडुचेरी पर है, जहां मई 2026 तक चुनाव होने हैं। राज्यों में अतिम एसआईआर कट-ऑफ डेट के रूप में काम करेगी, ठीक उसी तरह जैसे बिहार की 2003 की वोटर लिस्ट का उपयोग चुनाव आयोग ने एसआईआर के लिए किया था। अधिकांश राज्यों में वोटर लिस्ट का अंतिम बार एसआईआर 2002 और 2004 के बीच हुआ था। दिल्ली में 2008 में और इससे पहले उत्तराखंड में 2006 में एसआईआर हुआ था।
अधिकांश राज्यों ने अपने-अपने राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में हुए अंतिम एसआईआर के अनुसार वर्तमान वोटर्स का मिलान लगभग पूरा कर लिया है। एसआईआर का प्राथमिक उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्म स्थान की जांच करके उन्हें बाहर निकालना है। यह कदम बांग्लादेश और म्यांमार सहित विभिन्न राज्यों में अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, जिन राज्यों में इस समय स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं, वहां एसआईआर फिलहाल नहीं कराया जाएगा। इस कारण यह है कि, निचले स्तर के कर्मचारी इन चुनावों में व्यस्त हैं और सर्वे के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे। ऐसे राज्यों में स्थानीय निकाय चुनाव खत्म होने के बाद एसआईआर कराया जाएगा।
SIR (स्पेशल इंटेसिव रिवीजन) क्या है
- ये चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इससे वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है।
- इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है।
- ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं।
- वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है।
- BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं।
ऐसे चलेगा गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम
- प्रिंटिंग ट्रेनिंग- 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025
- घर-घर गणना कार्यक्रम 4 नवंबर से 4 दिसंबर
- मतदाता सूची ड्राफ्ट प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025
- दावे और आपत्ति लेने का समय 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026
- सुनवाई-वेरिफिकेशन- 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026
- मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन – 7 फरवरी 2026





















