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शादी का मौसम आया, शहनाई बजने की होगी शुरुआत : जानें कब-कब बन रहे हैं शुभ विवाह योग नवंबर से फरवरी तक

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रायपुर। देवउठनी एकादशी के साथ ही शुभ व मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो चुकी है। अब 18 नवंबर से शहनाईयों का दौर शुरू होने जा रहा है। ज्योतिषों के अनुसार नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनमें हजारों शादियां संपन्न होंगी। अनुमान है कि इस दौरान करीब साढ़े छह हजार करोड़ रुपये का व्यापार होगा और हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। ज्योतिष सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य पवन तिवारी ने बताया कि पंचांग के अनुसार नवंबर महीने में 14 शुभ विवाह मुहूर्त हैं। इन शुभ दिनों में विवाह कार्य करने से समृद्धि और वैवाहिक जीवन में सुख की प्राप्ति होती है। मुख्य तारीखें: 18, 22, 23, 24, 25, 29 और 30 नवंबर। इनमें कुछ मुहूर्त दिन में तो कुछ रात्रि में रहेंगे।

दिसंबर में सिर्फ दो दिन होंगे विवाह योग्य

दिसंबर माह में केवल दो शुभ मुहूर्त बताए गए हहैं- 04 दिसंबर (गुरुवार) और 05 दिसंबर (शुक्रवार)। इसके बाद खरमास और शुक्र अस्त लगने से करीब डेढ़ महीने तक विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। इस अवधि में ग्रह स्थिति अशुभ मानी जाती है, इसलिए शादी-ब्याह नहीं होंगे।

फरवरी 2026 में फिर बजेगी शहनाई

खरमास और शुक्र अस्त के बाद फरवरी में शुभ समय दोबारा शुरू होगा। फरवरी 2026 में सबसे अधिक विवाह होने की संभावना है।
शुभ तारीखें:
4, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी।
आचार्य तिवारी के अनुसार, फरवरी माह वैवाहिक दृष्टि से अत्यंत मंगलकारी रहेगा।

कारोबार में उछाल, बाजारों में लौटी रौनक

शादी सीजन की आहट से बाजारों में रौनक लौट आई है। सोने-चांदी, गिफ्ट आइटम, कपड़ा, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर बाजारों में खरीददारी बढ़ गई है। हलवाई, बैंड, कैटरिंग, डेकोरेशन और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों में भी उत्साह है।nअनुमान है कि बसंत पंचमी तक लगभग 4500 करोड़ और मार्च 2026 तक करीब 6500 करोड़ रुपये का कारोबार होगा।

होटल और गेस्ट हाउस फुल

शहर के लगभग 2000 से अधिक विवाह स्थल, जिनमें 1500 गेस्ट हाउस और 150 होटल शामिल हैं, पहले से ही बुक हो चुके हैं। कई स्थलों पर फरवरी तक की एडवांस बुकिंग पूरी हो चुकी है। कैटरिंग कारोबारियों का कहना है कि इस बार एक दिन में कई विवाह कार्यक्रम हैं, फिर भी हर आयोजन में औसतन 500 से 700 मेहमानों के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। देवउठनी एकादशी के बाद शुरू हुआ यह शुभ काल केवल विवाह ही नहीं, बल्कि रोजगार और व्यापार के लिए भी सुनहरा अवसर लेकर आया है। नवंबर से फरवरी तक पूरे प्रदेश में शहनाइयों की गूंज रहेगी और बाजारों में रौनक बनी रहेगी।

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