गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से भारतीय टेस्ट टीम मुश्किल दौर से जूझ रही है। पिछले एक साल में लगातार निराशाजनक नतीजे सामने आए, न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर क्लीन स्वीप, ऑस्ट्रेलिया में सीरीज हार और अब दक्षिण अफ्रीका के हाथों 2-0 की शिकस्त। इन प्रदर्शन ने टीम मैनेजमेंट और चयन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि टीम में अनुभव और संतुलन की भारी कमी है। इसी बीच तीन ऐसे खिलाड़ियों के नाम जोर पकड़ रहे हैं, जिनकी वापसी हालात बदलने में अहम भूमिका निभा सकती है।
1. मोहम्मद शमी – तेज़ गेंदबाज़ी में खोई धार वापस ला सकते हैं
जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज भले भारत की पेस बैकबोन हों, लेकिन तीसरे तेज़ गेंदबाज़ की कमी टीम को लगातार भारी पड़ रही है। कई युवा पेसरों को मौके मिले, लेकिन विदेश की कठिन परिस्थितियों में वे असरदार साबित नहीं हो सके। ऐसे समय में मोहम्मद शमी की वापसी बड़ा फर्क ला सकती है। शमी लगातार घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं, फिटनेस भी दुरुस्त है और उनके अनुभव की बराबरी फिलहाल कोई युवा नहीं कर सकता। विदेशी परिस्थितियों में उनकी सीम पोज़िशन और लंबे स्पेल डालने की क्षमता टीम इंडिया को फिर मजबूत बना सकती है। गंभीर अगर टेस्ट बॉलिंग अटैक को स्थिर करना चाहते हैं, तो शमी की वापसी लगभग अनिवार्य दिखती है।
2. सरफराज खान – मध्यक्रम का भरोसेमंद विकल्प
भारत का टेस्ट मध्यक्रम इस समय सबसे कमजोर कड़ी बन गया है। घरेलू पिचों पर स्पिन के खिलाफ बल्लेबाज़ बार–बार विफल हो रहे हैं।
ऐसे में सरफराज खान को बाहर रखना कई विशेषज्ञों को हैरान कर रहा है। रणजी ट्रॉफी में कई सीजन तक रनों की झड़ी लगाने के बाद सरफराज को टीम इंडिया में मौका मिला था। न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने 150 रनों की शानदार पारी खेलकर अपनी क्षमता भी साबित की। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्हें मौका नहीं मिला और फिर इंग्लैंड व वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिए चयन से बाहर कर दिया गया। भारतीय टेस्ट टीम को एक ऐसे बल्लेबाज़ की जरूरत है जो लंबी पारी खेलने का धैर्य रखता हो और यह गुण सरफराज के अंदर साफ झलकता है। गंभीर अगर मध्यक्रम की समस्या दूर करना चाहते हैं, तो सरफराज पर भरोसा दोबारा जताना ही होगा।
3. अजिंक्य रहाणे – अनुभव का कोई विकल्प नहीं
कई लोगों को शायद हैरानी हो लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में अजिंक्य रहाणे की वापसी टीम इंडिया को स्थिर कर सकती है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और आर. अश्विन के संन्यास के बाद टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की भारी कमी महसूस की जा रही है। युवा कप्तान शुभमन गिल को ड्रेसिंग रूम में एक मजबूत सीनियर आवाज़ की जरूरत है ऐसा खिलाड़ी जो मुश्किल समय में मैच को संभालने का अनुभव रखता हो। रहाणे वही शख्सियत हैं जो भारतीय टेस्ट टीम को नेतृत्व, संयम और भरोसा दे सकते हैं। उनकी मौजूदगी से मध्यक्रम में मजबूती आएगी और टीम में एक मार्गदर्शक सीनियर की कमी भी पूरी हो सकेगी।
गंभीर पर बढ़ता दबाव, बदलाव की मांग तेज
दक्षिण अफ्रीका से 2-0 की हार के बाद गौतम गंभीर पर आलोचना का दौर तेज़ हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि टीम इंडिया में बिना बड़े बदलाव के हालात सुधरना मुश्किल है।
शमी, सरफराज और रहाणे की संभावित वापसी टीम की दिशा बदल सकती है—बस जरूरत इस बात की है कि कोच और चयनकर्ता सही समय पर सही फैसले लें।























