रायगढ़ (केलो प्रवाह)। विपक्ष द्वारा की गई आपत्तियों के बीच नगर निगम के साधारण सम्मेलन में लाये गये प्रस्ताव को बहुमत के आधार पर स्वीकृति प्रदान कर दी गई। परिषद की बैठक में मटन मार्केट को बड़े रामपुर में विस्थापित करने पर आम सहमति बनी तो वहीं जेल परिसर व ट्रांसपोर्ट नगर की जर्जर दुकानों को तोड़ने व इसके पूर्व नवनिर्माण कर व्यवसायियों को विस्थापित करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से हरी झण्डी दे दी गई है। इसके साथ ही ढिमरापुर चौक से कोतरा रोड आरओबी तक पाईप लाईन विस्तार, प्यासा मैदान का विकास व चांदनी चौक से सर्किट हाऊस तक सड़क का उन्नयन कार्य के लिए हुए टेण्डर की दर को भी स्वीकृति दे दी गई है। विभिन्न चौक-चौराहों व ऑक्सी जोन के नामकरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।
वहीं प्रश्नकाल में पार्षदों के तीखे सवालों पर अधिकारी घिरते नजर आये और उनके गोलमोल जवाब के कारण भी सदन में काफी हंगामा मचा। बुधवार को नगर निगम के सभाकक्ष में सामान्य सभा की बैठक रखी गई थी। निर्धारित समय से एक घंटे विलंब से शुरू हुई बैठक में चर्चा के लिए 14 प्रस्ताव लाये गये थे। सदन के पटल पर रखे गये प्रथम प्रस्ताव केवड़ाबाड़ी में स्थित मटन मार्केट को अन्य स्थान पर विस्थापन के लिए स्थल चयन को लेकर था। चूंकि यह प्रस्ताव पिछली बैठक में भी लाया गया था परंतु स्थान चयन करने के उद्देश्य से प्रस्ताव को अगली बैठक के लिए टाल दिया गया था। वहीं निगम प्रशासन ने स्थल चयन के लिए महापौर, सभापति, नेता प्रतिपक्ष के साथ पांच पार्षदों की समिति का गठन किया था।
इस समिति द्वारा प्रस्तावित स्थल कोतरा रोड आरओबी के नीचे, भगवानपुर एसएलआरएम सेन्टर के पास, बड़े रामपुर में लिगेसी वेस्ट साईट व आशीर्वादपुरम एसएलआरएम सेंटर के पास का निरीक्षण किया तथा बैठक में बड़े रामपुर में सर्व सुविधायुक्त व एनजीटी के नियम अनुसार मटन मार्केट विकसित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई। वहीं ढिमरापुर चौक से कोतरा रोड आरओबी तक पाईप लाईन विस्तार के लिए हुए टेण्डर में मेसर्स धनंजय कुमार द्वारा दी गई न्यूनतम दर 9.53 अधिक एसओआर को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजनांतर्गत 4 करोड़ 92 लाख 45 हजार की लागत से प्यासा मैदान के विकास कार्य के लिए हुए टेण्डर में नटवर लाल अग्रवाल खरसिया की निविदा दर पर स्वीकृति की मुहर लगाई गई तथा चांदनी चौक से राजापारा होते हुए सर्किट हाऊस तक 6 करोड़ 41 लाख 26 हजार की लागत से प्रस्तावित सड़क उन्नयन कार्य के लिए संजय कुमार केडिया बाराद्वार की निविदा दर को मंजूरी दी गई।
जर्जर हो चुके जेल परिसर व ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानों को तोड़ कर नया निर्माण कराये जाने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं दोनों स्थानों पर वर्तमान में आबंटित ऐसे दुकानदार जिनके द्वारा पूर्ण अथवा आंशिक प्रीमियम जमा किया गया है तथा जिनका प्रीमियम व किराया राशि बकाया है उनको राशि जमा करने के लिए 3 माह का समय देते हुए अंतिम सूचना जारी करने के निर्णय को भी मंजूरी दे दी गई है। इस प्रस्ताव में नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया के सवाल पर महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि पहले निर्माण कार्य करवा कर दुकानदारों को विस्थापित किया जावेगा उसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई की जावेगी। वहीं रामनवमीं आयोजन समिति द्वारा शोभा यात्रा के लिए अनुदान देने की मांग पर एक लाख 50 हजार रूपए दिये जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी गई।
अधिकारियों को घेरा सुनील थवाईत ने
एल्डरमैन सुनील थवाईत ने मीना बाजार से लिये गये शुल्क के विषय में सवाल लगाया था, जिस पर उन्हें भू-स्वामी से लिये गये संपत्ति कर एवं उपकर के साथ मीना बाजार संचालक से लिये गये प्रदर्शन शुल्क के विषय में लिखित जानकारी दी गई थी। इस पर सुनील थवाईत ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे जो जानकारी दी गई है उसमें संपत्ति कर लगभग डेढ़ लाख रूपए व प्रदर्शन शुल्क 55 हजार रूपए बताया गया है जबकि शहर में नगर निगम को मीना बाजार संचालक ने 80 लाख रूपए देने की चर्चा है। वहीं उन्होंने पूछा कि किस आधार पर संपत्तिकर व प्रदर्शन शुल्क की गणना की गई जिस पर राजस्व अधिकारी हरि केश्वर लकड़ा ने बताया कि भू-स्वामी द्वारा दिये गये स्वविवरणी के आधार पर जोन क्रमांक दो की दर से टैक्स की गणना की गई है तथा नियमानुसार प्रदर्शन शुल्क एक हजार रूपए प्रतिदिन के हिसाब से लिया गया है। इस पर सुनील थवाईत ने कहा कि दी गई जानकारी में जो संपत्ति कर शुल्क दर्शाया गया है उसके अनुसार 15 हजार वर्ग फुट का टैक्स लिया गया है जबकि मीना बाजार के केवल पार्किंग का हिस्सा ही इससे ज्यादा है। ऐसे में संचालक से मिलीभगत कर भ्रष्टाचार किये जाने की संभावना नजर आ रही है।
सीसीटीवी पर सवाल खड़े किया हरि ने
पार्षद हरि सराफ द्वारा नगर निगम क्षेत्र में किस-किस वार्ड में सीसीटीवी लगाये गये हैं और रखरखाव किस एजेंसी से करवाया जा रहा है एवं उनकी वर्तमान स्थिति के विषय में जानकारी मांगी गई थी। इस सवाल के जवाब में निगम की ओर से केवल वार्ड क्रमांक 19 में स्थित नगर निगम कार्यालय में सीसीटीवी लगाये जाने की जानकारी प्रदान की गई थी। इस पर हरि सराफ ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। वार्ड क्रमांक 10 में स्थित फिल्टर प्लांट में भी सीसीटीवी लगाये गये हैं उसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व कार्यकाल में वार्ड क्रमांक 12 में पार्षद निधि से लगे सीसीटीवी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नियमानुसार पार्षद निधि से सीसीटीवी नहीं लगाई जा सकती लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस के तत्कालीन जिला अध्यक्ष जयंत ठेठवार ने नगरीय प्रशासन मंत्री रहे शिव डहरिया को पत्र लिखकर वार्ड में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जनता की मांग पर सीसीटीवी लगाये जाने की अनुमति मांगी थी। वहीं पूर्व मंत्री डहरिया ने नियमों को शिथिल करते हुए अनुमति प्रदान कर दी थी जिसके आधार पर जयंत ठेठवार ने अपनी पार्षद निधि से 20 लाख रूपए देकर वार्ड में सीसीटीवी लगवाई गई तथा उसका टेण्डर भी उसी वार्ड के शौर्य कन्सट्रक्शन को दिया गया। वर्तमान में अधिकांश सीसीटीवी खराब पड़ी है और इस मामले में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। हरि के इस आरोप पर नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया भड़क उठे और उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो भ्रष्टाचार साबित करें जिस पर उनके बीच नोंकझोंक हुई।
ट्रस्ट के किरायेदारों को नोटिस का मुद्दा उठाया
सेठ किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट में किरायेदारों द्वारा मूल स्वरूप में बदलाव करने व संपत्ति का व्यवसायिक उपयोग होने के मामले में संपत्ति कर आरोपित करने को लेकर नगर निगम की ओर से 284 लोगों को जारी किये गये नोटिस के मामले को सलीम ने सदन में उठाते हुए विस्तृत जानकारी मांगी। इस पर नगर निगम आयुक्त ने बताया कि नगर पालिक निगम 1956 की धारा 144 के तहत नोटिस जारी की गई है। वहीं 1953 के राजपत्र का हवाला देते हुए बताया गया कि उक्त राजपत्र के अनुसार सार्वजनिक न्यास अधिनियम के अधिकांश प्रावधानों से किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट को छूट दिया जा रहा है परंतु संपत्ति कर के विषय में उसमें कोई उल्लेख नहीं है। वहीं धारा 136 के प्रावधान के अनुसार यदि लोकहित में संचालित ट्रस्ट की संपत्ति किराये पर अथवा अन्य व्यवसायिक उपयोग में लाई जाती है तो नगर निगम के प्रावधान के अनुसार निगम संपत्ति की वर्तमान स्थिति और उसके उपयोग की जानकारी लेने नोटिस दे सकता है। वहीं नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि एक बार नोटिस जारी किया गया है और दोबारा उन्हें नोटिस नहीं दिया जावेगा।
ऑक्सीजोन के नामकरण को मिली मंजूरी
चक्रधरनगर क्षेत्र में स्थित सिंधी कालोनी कच्ची खोली एवं पक्की खोली के नामकरण के लिए सिंधी समाज द्वारा दिये गये आवेदन पर विचार करते हुए पक्की खोली को नामकरण झुलेलाल कालोनी एवं कच्ची खोली का नामकरण संत कंवर राम कालोनी के नाम पर करने का प्रस्ताव लाया गया था, जिस पर सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान कर दी गई। वहीं महाराष्ट्र मण्डल द्वारा सर्किट हाऊस तिराहे का छत्रपति शिवाजी के नाम पर नामकरण करने एवं शिवाजी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए आवेदन दिया गया था। साथ ही स्व. दिलीप सिंह जूदेव की रायगढ़ में प्रतिमा स्थापित करने की मांग का प्रस्ताव लाया गया था। इस पर नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने पूछा कि प्रतिमा किस फण्ड से बनाई जाएगी यह स्पष्ट नहीं है।
इस पर महापौर जीवर्धन चौहान ने शासन से राशि की मांग करने की बात कही जिसके बाद दोनों प्रस्तावों पर स्वीकृति की मुहर लगा दी गई। वहीं महापौर जीवर्धन चौहान के निर्देश पर आईएसबीटी का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर व दूध डेयरी में निर्माणाधीन ऑक्सीजोन का नामकरण केशव कुंज एवं पंचतत्व गार्डन का नामकरण वेदमणि सिंह ठाकुर के नाम पर करने का प्रस्ताव लाया गया जिसमें नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से नामकरण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पूर्व में ट्रांसपोर्ट नगर में उनकी प्रतिमा लगाई गई है और उन्हीं के नाम से नामकरण किया गया है ऐसे में आईएसबीटी का नामकरण स्थानीय महापुरुषों के नाम पर होना चाहिए। हालांकि इन प्रस्तावों पर स्वीकृति की मुहर लगा दी गई। वहीं उर्दना तिराहा का नामकरण विकसित भारत संकल्प सेवा चौक किये जाने के प्रस्ताव पर भारी हंगामा मचा।
दरअसल नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पूर्व में उक्त तिराहे का नामकरण भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर किया गया था अब नाम बदलने से आदिवासी समाज की भावनाएं आहत होंगी। वहीं जिस प्रकार से नामकरण के लिए प्रस्ताव लाया गया है वह पार्टी का नारा है न कि किसी का नाम। इस पर काफी हंगामा मचा और महापौर ने सलीम की बातों का जवाब देते हुए कहा कि पहले पता किया गया था जिसमें यह बात सामने आई थी कि भगवान बिरसा मुंडा के नामकरण का प्रस्ताव एमआईसी में लाया गया था लेकिन परिषद में नहीं लाने की वजह से नामकरण नहीं हो पाया। किसी नाम को हटाकर नया नामकरण करने की कोई मंशा नहीं है। यदि कोई दस्तावेज हो या प्रमाण हो तो प्रस्तुत कर सकते हैं। वहीं जूटमिल कबीर चौक में किसान राईस मिल में निर्माणाधीन ऑक्सीजोन का नामकरण विकसित भारत संकल्प उद्यान करने के प्रस्ताव को भी आरोप-प्रत्यारोप के बीच बहुमत के आधार पर स्वीकृति प्रदान कर दी गई। हालांकि इन दोनों प्रस्तावों पर कांग्रेस ने अपनी आपत्ति जताई है।
व्यापार अनुज्ञा में उठे सवालों पर बगलें झांकते रहे अधिकारी
राजपत्र में प्रकाशित नगर निगम सीमा क्षेत्रांतर्गत छत्तीसगढ़ नगर पालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम 2025 लागू किये जाने की पुष्टि के लिए लाये गये प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने कहा कि राजपत्र में दर्शाये गये शुल्क के अनुसार गुमटी और कच्ची दुकान से 250 रूपए प्रतिवर्ग फुट का शुल्क लागू करने की बात सामने आ रही है। चूंकि गुमटी लगाने वाले गरीब तबके के लोग रहते हैं लिहाजा उन पर इतना ज्यादा शुल्क लगाना उचित नहीं होगा। पिछली बैठक में भी इस मुद्दे को लाया गया था जिसमें शुल्क के संबंध में शासन से पत्राचार करने की बात कही गई थी। वहीं सलीम ने पूछा कि राजपत्र के अनुसार प्रस्ताव को सदन में लाने के 15 दिन पूर्व शुल्क की सूची का प्रकाशन कराया जाना है तो कहां प्रकाशन कराया गया है उसकी प्रति उपलब्ध करायें। उनके इस सवाल पर अधिकारी कोई भी संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाये और गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि निगम के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है।
इस पर सलीम ने भड़कते हुए कहा कि शहर की जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्हें जानकारी होना चाहिए कि एक नया टैक्स उन पर लगाया जा रहा है जो उन्हें देना ही होगा। केवल चस्पा नहीं प्रकाशन कराना था और बिना प्रकाशन के प्रस्ताव सदन में कैसे लाया गया? उनके इस सवाल पर अधिकारी बगलें झांकते रहे। अंततः स्थिति को संभालते हुए पार्षद आशीष ताम्रकार एवं पकंज कंकरवाल ने कहा कि यह प्रस्ताव निर्णय के लिए नहीं बल्कि केवल पुष्टि के लिए लाया गया है लिहाजा इस पर कोई चर्चा नहीं होनी चाहिए। इस पर सभापति डिग्रीलाल साहू ने प्रस्ताव की पुष्टि की घोषणा कर दी। वहीं सलीम नियारिया के साथ कांग्रेस पार्षदों ने इस विषय पर अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कराई है।
























