रायगढ़। नगर निगम इस बार भी कर वसूली में काफी आगे है। वर्ष 2025-26 में शासन की ओर से 30 करोड़ रूपए के राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था जिसके विरूद्ध अब तक लगभग 24 करोड़ रूपए की वसूली निगम प्रशासन कर चुका है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी तीन माह का समय और बाकी है जिसमें शत प्रतिशत वसूली कर लिये जाने की संभावना है। विशेषकर संपत्ति कर वसूली में निगम आयुक्त ने जिस प्रकार से सख्ती बरती है उसका ही परिणाम है कि संपत्ति कर की वसूली तकरीबन 95 प्रतिशत हो चुकी है। रायगढ़ नगर निगम में पिछले साल भी टैक्स वसूली तकरीबन लक्ष्य के बराबर की थी। वहीं इस वर्ष फिर से राजस्व वसूली में निगम काफी आगे है।





खास बात यह है कि इस वर्ष निर्वाचन कार्य में नगर निगम के राजस्व विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारी लगातार व्यस्त रहे, बावजूद इसके निगम आयुक्त ब्रजेश क्षत्रिय ने लगातार बैठक लेकर निर्वाचन कार्य के साथ-साथ टैक्स वसूली पर भी विशेष फोकस किया। लगातार बड़े बकायदारों को संपत्ति कुर्क करने का नोटिस देते हुए सख्त कार्रवाई की गई। इसका परिणाम अच्छी टैक्स वसूली के रूप में सामने आया। संपत्ति कर का शासन से साढ़े 13 करोड़ रूपए का लक्ष्य मिला था। निगम प्रशासन ने कड़ाई बरतते हुए अब तक लगभग साढ़े 12 करोड़ रूपए संपत्ति कर के रूप में वसूल किये हैं। शासन से वर्ष 2025-26 के लिए रायगढ़ नगर निगम को 30 करोड़ के राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था। वहीं वर्तमान में लगभग 24 करोड़ रूपए के राजस्व की वसूली हो चुकी है।





याने कि टारगेट पूरा करने अब नगर निगम को 6 करोड़ रूपए की वसूली और करनी पड़ेगी। हालांकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी तीन माह का समय शेष है ऐसे में इस अवधि में लक्ष्य को पूरा लेने का दावा निगम प्रशासन कर रहा है। बताया जा रहा है कि संपत्ति कर के अलावा जलकर व दुकानों का किराया अधिक बकाया है। इसकी वसूली के लिए भी लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। वहीं दुकानों के बकाया किराया के लिए भी लगातार किरायेदारों को नोटिस देकर वसूली की जा रही है। वहीं अन्य आय के साधनों से भी वसूली की जा रही है तथा संपत्ति कर की शेष वसूली के लिए भी बड़े बकायदारों की सूची बना कर उन्हे नोटिस देने व कुर्की वारंट जारी करने की तैयारी नगर निगम प्रशासन द्वारा की जा रही है ताकि राजस्व वसूली शत प्रतिशत हो सके।















