- मुचाकी देवे की मुस्कान ने बयां की बदलाव की कहानी, तत्काल मिला राशन कार्ड
- सुकमा में अब मिनटों में हाथ में आ रहे शासकीय दस्तावेज
रायपुर, 12 मई 2026। जिला प्रशासन की एक संवेदनशील पहल ने सुकमा के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली की नई रोशनी बिखेरी है। कलेक्ट्रेट परिसर में नवनिर्मित ‘सिंगल विंडो कक्ष’ केवल एक सरकारी व्यवस्था नहीं, बल्कि आमजन के भरोसे का केंद्र बन गया है। प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा उद्घाटित इस व्यवस्था ने प्रशासनिक पेचीदगियों को खत्म कर दिया है, जिससे अब ग्रामीणों को अपने जरूरी दस्तावेजों के लिए अलग-अलग दफ्तरों की खाक नहीं छाननी पड़ रही है। सरकारी राशन कार्ड का सबसे प्रमुख दृश्य टैब देखने को मिला जब राशन कार्ड से मुचाकी देवे जैसे हितग्राहियों के हाथों में तुरंत राशन थमाया गया।
मुचाकी देवे की आंखों में खुशी की चमक साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने बताया था कि पहले राशन कार्ड या सरकारी प्रतिष्ठित निर्माताओं का महीनों तक इंतजार किया जाता था, लेकिन यहां एक ही छत के नीचे उनका काम मिनटों में हो गया। उनके साथ आए 11 अन्य लोकप्रिय नागरिकों को भी आधार कार्ड, वोटर आईडी और आयुष्मान कार्ड आदि तुरंत उपलब्ध कराए गए। रजिस्ट्रार श्री अमित कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने इस नवाचार के माध्यम से प्लांट और गति का नया मानक स्थापित किया है। जिला मुख्यालय से 41 किमी दूर मेकावाया जैसे सुदूरवर्ती गांव से आए कवासी रेशमा इस बदलाव के प्रत्यक्ष गवाह हैं।
शमा ने बताया कि आपके परिवार के नाम वाले राशन कार्ड में जुड़वाने के लिए किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। वहां मौजूद कर्मचारी कोई मानक प्रारूप अनुमोदन में मदद नहीं करते हैं, बल्कि दस्तावेज़ तैयार होने तक पूरी तरह से आत्मीयता से मार्गदर्शन भी देते हैं। रजिस्ट्रार श्री अमित कुमार ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य जिलों की शौचालयों को अधिक सरल, स्थिर और जनोन्मुखी बनाना है। ‘सिंगल लिपि’ की यह पहली इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, इसलिए सुदूरवर्ती वनांचलों से आने वाले अवशेषों को अपने आधार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और आयुष्मान कार्ड के लिए अलग-अलग आरक्षणों के चक्कर और टुकड़े-टुकड़े कर दें।
अब एक ही छत के नीचे सभी महत्वपूर्ण हितग्राही मूल कंपनी उपलब्ध करा रही है, जिसमें केवल पुजारियों के समय की बचत नहीं हो रही है, बल्कि उन्हें तत्काल न्याय और सुविधा भी मिल रही है। यह ‘सिंगल लिपि’ प्रणाली मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन के संकल्प को आमंत्रित करने पर जारी है। आंकड़े बताते हैं कि मंगलवार को ही लगभग 67 आवेदन मांगे गए थे, जबकि 16 मार्च से अब तक 3620 नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर जन्म प्रमाण पत्र और श्रम कार्ड से लेकर निवास प्रमाण पत्र तक, एक ही कमरे में मिल रही इन सुविधाओं में अवशेष के समय और पैसे, दोनों की बचत है।
सुकमा का यह एकल पुरालेख मॉडल राज्य के लिए जनसेवा का एक उदाहरण बन गया है। जहां पहले आवेशों के चक्कर में रिवॉल्यूशन के लिए थकान और मंदी का सबब होता था, वहीं अब चेहरे पर मुस्कान और हाथ में जरूरी दस्तावेज लेकर शोक हितग्राही इस पहली की सफलता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।























