- मार्कफेड ने अम्बिका परबॉयल्ड प्रोडक्ट्स प्रालि को दिया चार जिलों का ठेका, राइस मिलर्स उठा रहे कई सवाल
रायगढ़। छग में कस्टम मिलिंग सिस्टम भ्रष्टाचार के गहरे दलदल में धंस चुका है। जिलों से लेकर मुख्यालय तक एक समानांतर व्यवस्था चल रही है जिसकी कमान बड़े खिलाडिय़ों के हाथ में है। फोर्टिफाइड राईस कर्नेल की खरीदी में मई 2025 के बाद अब हुआ टेंडर सवालों के घेरे में है। आठ महीने पहले मार्कफेड ने रायगढ़ जिले में 4967 रुपए प्रति क्विंटल का रेट तय किया था लेकिन अब नई कंपनी को 5980 रुपए देने होंगे। पीडीएस चावल कूटकर जमा करने में घोटाले को लेकर ईडी जांच कर रही है। प्रति क्विंटल कमीशन वसूले जाने के मामले में कई नामचीन सफेदपोश आरोपी जेल में हैं। आम जनता को लग रहा था कि अब भ्रष्टाचार खत्म होगा। लेकिन मार्कफेड ने ऐसा नहीं होने दिया। राइस मिल संचालकों को फोर्टिफाइड राइस कहां से खरीदना है, अब भी मार्कफेड ही बता रही है।





रेट भी मार्कफेड ही तय कर रहा है। पहले ही धान आवंटन, डीओ काटना, बिलिंग, बैंक गारंटी, भुगतान, धान उठाव, नान टू एफसीआई कन्वर्जन करने में सवाल उठते रहे हैं। गरीबों के पोषण आहार के रूप में मिलाया जाने वाला फोर्टिफाइड राइस भी अवैध कमाई का जरिया बन गया है। मार्कफेड ने फोर्टिफाइड राइस के टेंडर से लेकर एजेंसी और आपूर्ति की शर्तें भी खुद ही तय कर ली। मई 2025 में मार्कफेड ने सभी जिलों के लिए अलग-अलग टेंडर बुलवाए। हर जिले में अलग-अलग रेट और अलग-अलग एजेंसी हो गई। रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 4967 रुपए, धमतरी 4991 रुपए और रायपुर 4964 रुपए प्रति क्विंटल रेट तय किए गए। वहीं बलरामपुर में 3999 रुपए, दुर्ग 4098 रुपए, बालोद, 4069 रुपए, बलौदा बाजार 4065 रुपए, जशपुर 3971 रुपए, कांकेर, नारायणपुर 3999 रुपए तय किए गए।





अन्य जिलों के रेट भी 4000 रुपए से 4600 रुपए के बीच ही रहे। अब वर्ष 25-26 के लिए फिर से टेंडर किया गया है। इस बार रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए अंबिका परबॉयल्ड प्रोडक्ट्स प्रालि 5980 रुपए प्रति क्विंटल में ठेका दिया गया है। सोचिए कि जिस एफआरके की सप्लाई सात महीने तक 4967 रुपए में होती रही, अब वह 5980 रुपए में मिलेगा। जशपुर में 5965 रुपए और गरियाबंद में 5985 रुपए दर तय की गई है।





अम्बिकापुर की फर्म करेगी सप्लाई
अंबिका परबॉयल्ड प्रोडक्ट्स प्रालि रायपुर के नाम पर ठेका लिया गया है। यह फर्म मां कुदरगढ़ी ग्रुप की ही एक शाखा कंपनी है। इसके संचालक मुकेश गोयल, ममता गोयल और राहुल रंजन हैं। अंबिकापुर से ही एफआरके की सप्लाई की जाती है। मां कुदरगढ़ी ग्रुप की ही दूसरी कंपनियों में बीएम फूड्स, महामाया फूड्स एंड ग्रेन्स, गोयल राइस प्रोडक्ट, फूड प्रोडक्ट्स इंडिया लिमिटेड आदि हैं। इसके पहले रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सप्लाई के लिए नमो ओवरसीज नासिक, गायत्री राइस मिल दुर्ग, श्री सांई ट्रेडर्स राजनांदगांव और क्रंचीफाई फूड सांपला को अधिकृत किया गया था। अब मार्कफेड पहले से भी महंगा कर्नेल राइस मिलर्स को बेचेगा।
बहुत बड़ा रैकेट कर रहा काम
फोर्टिफाइड राईस के बहाने कई अफसर और नेता अपने सेटिंग वाले फर्मों को को कारोबार में घुसा रहे हैं। हर जिले का रेट अलग-अलग किया गया ताकि कमीशन कुछ ही जिलों से लिया जा सके। बुधवार को ही आदेश जारी किया गया है। यह बात समझ से परे है कि एग्री बाजार में टेंडर डालने के बाद प्रतिस्पर्धा में रेट कम होने थे। इसके बजाय 1000 रुपए तक बढ़ गए।












