रायगढ़। नगर निगम चुनाव के लिए नाम वापस लेने के आज अंतिम दिन कलेक्ट्रेट में उस वक्त बवाल मच गया जब वार्ड क्रमांक 23 के कांग्रेस प्रत्याशी शरद महापात्रे को कुछ भाजपा नेता नाम वापसी के लिए अपने साथ लेकर पहुंचे थे। इस बात की भनक लगते ही कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता वहां पहुंचे और भाजपा पर डरा धमका कर नाम वापस कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाने लगे। वहीं भाजपा के नेताओं ने भी इसके विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच भारी चिल्लपों मचाने के बीच शरद महापात्रे ने अपना नामांकन वापस लेने से इनकार कर दिया जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सभी को बाहर कर दिया।
नामांकन वापस लेने के आज अंतिम दिन वार्ड क्रमांक 23 के कांग्रेस प्रत्याशी शरद महापात्रे को कुछ भाजपा नेता नाम वापसी के लिए लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इस बात की जानाकरी मिलने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला, दीपक पाण्डेय, रवि पाण्डेय, राकेश पाण्डेय सहित अन्य कांग्रेस नेता भी वहां पहुंचे और भाजपा पर डरा-धमका कर कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम वापस करवाने का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाने लगे। दूसरी ओर मौके पर मौजुद भाजपा कार्यकर्ता भी नारेबाजी करने लगे जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था।
वहीं शरद महापात्रे ने भी नाम वापसी लेने से इनकार करते हुए कहा कि हंगामा व बवाल की वजह से मैंने नाम वापस नहीं लिया है। दोनोंं पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप व नारेबाजी का दौर शुरू हो गया था। इधर कांग्रेस नेताओं के साथ बवाल मचने की सूचना मिलने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता गुरूपाल भल्ला, पूर्व जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, विकास केडिय़ा सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी कलेक्ट्रेट पंहुच गये। वहीं बवाल बढ़ते देख पुलिस ने सभी को समझाईश देते हुए कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर किया, तब कहीं जाकर माहौल शांत हो सका।
पुलिस के साथ भी हुई झूमाझटकी
कलेक्ट्रेट में बवाल मचतेे देख मौके पर मौजुद पुलिस बल ने दोनों पक्षों के लोगों ंको बाहर किया तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी करनी शुरू कर दी और बाहर करने के दौरान पुलिसकर्मियों से भी उनकी झूमाझटकी हुई। काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर कर पुलिस ने बवाल शांत कराया और कलेक्ट्रेट का मुख्य द्वार बंद कर दिया था।

किसने क्या कहा
भाजपा के लोग हमारे प्रत्याशी को जबरन उठा कर ले आये थे और 2 बज कर 55 मिनट पर जबरदस्ती उनको कमरे में ले जाकर नाम वापसी के लिए दबाव बना रहे थे। भाजपा के लोग लगातार उनके व्यापार को खत्म करने की धमकी भी दे रहे थे और उनके परिवार को भी नाम वापसी के लिए धमका रहे थे । भाजपा आंतरिक रूप से हार स्वीकार कर ली है। अब वो ऐन-केन प्रकारेण शार्ट कट से अपना बहुमत लाना चाहती है और जनता को डरा कर ये लोग वोट लेना चाहते हैं परंतु जनता दबाव में नहीं आयेगी और इस गुण्डागर्दी का जवाब 11 तारीख को देगी।
– अनिल शुक्ला, जिला कांग्रेस
कमेटी ( शहर) अध्यक्ष
क्या कहते हैं उमेश
कांग्रेस को वार्डों में प्रत्याशी नहीं मिल रहे थे तो उन्होंने जबरदस्ती प्रलेाभन देकर प्रत्याशी उतारने की कोशिश की और ऐसे प्रत्याशी जिन्हें कांग्रेस की टिकट पर हार सुनिश्चित दिख रही थी वे अपना नाम वापस लेने लगे तब कांग्रेस इससे विचलित होकर अनर्गल आरोप लगा रही है।
– उमेश अग्रवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा
क्या कहते हैं एसडीएम
प्रत्याशी कक्ष में आये थे लेकिन उन्होंने नाम वापस लेने से इनकार कर दिया था। नाम वापस नहीं हुआ है।
– प्रवीण तिवारी एसडीएम
























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