बिलासपुर। बिलासपुर के खपरगंज इलाके में शुक्रवार रात दो पक्षों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते पथराव में बदल गया। स्थिति संभालने पहुंची पुलिस पर भी पत्थर फेंके गए, जिसमें पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और अतिरिक्त बल तैनात किया गया। घटना के बाद जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया है। यह वही प्रावधान है, जिसे पहले आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के रूप में जाना जाता था। आदेश के तहत सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में बिना अनुमति सभा, रैली, जुलूस और प्रदर्शन समेत कई गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। पुलिस ने हिंसा के मामले में करीब 50 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है।
पुरानी रंजिश से शुरू हुआ विवाद, फिर बढ़ता गया तनाव
एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक प्रारंभिक जांच में विवाद दो लोगों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर शुरू होने की बात सामने आई है। विवाद के दौरान एक व्यक्ति पर कथित तौर पर पत्थर से हमला किया गया। इसके बाद घायल व्यक्ति ने अपने साथियों को बुलाया और खपरगंज इलाके में दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पत्थर फेंक रहे थे। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। इस दौरान दो पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों से तीन लोग घायल हुए हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट की चर्चा, लेकिन वजह की जांच अभी बाकी
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट या कमेंट को लेकर विवाद शुरू होने की बात भी सामने आई। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसी कमेंट को घटना की शुरुआत से जोड़ा गया है।हालांकि कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा है कि प्रशासन को सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में जानकारी मिली है, लेकिन उन्होंने स्वयं वह पोस्ट नहीं देखी है और उसकी सामग्री की पुष्टि अभी नहीं हुई है। एसएसपी के मुताबिक पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद हुई प्रतिक्रिया से लेकर मारपीट और पथराव तक पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।इसलिए फिलहाल आधिकारिक रूप से इतना ही कहा जा सकता है कि सोशल मीडिया पोस्ट की भूमिका की जांच चल रही है, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जानकारी विवाद की शुरुआत को पुरानी रंजिश से जोड़ती है।
पुलिस पहुंची तो दोनों तरफ से बरस रहे थे पत्थर
विवाद बढ़ने के बाद खपरगंज में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू होने से इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की। कुछ अन्य रिपोर्टों में पुलिस पर पथराव के दौरान तारबाहर थाना प्रभारी रविशंकर तिवारी के सिर में चोट लगने की जानकारी दी गई है। हालांकि पुलिस की ओर से पुष्ट आधिकारिक बयान में घायल पुलिसकर्मियों की पहचान का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस रिपोर्ट में उनकी चोट का विवरण मीडिया रिपोर्ट के रूप में ही रखा जा रहा है।
50 उपद्रवियों के खिलाफ केस, CCTV और ड्रोन से पहचान
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 50 उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब CCTV और ड्रोन से मिले वीडियो फुटेज के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट करने या शहर का माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सिटी कोतवाली क्षेत्र में धारा 163 लागू
घटना के बाद जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने 28 अगस्त को सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया। यह आदेश आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। आदेश के तहत बिना अनुमति सभा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन और हड़ताल जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। एक स्थान पर चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध है। सामान्य आवागमन और वैध कार्य से आने-जाने वाले लोगों को आदेश में निर्धारित छूट लागू रहेगी। किसी आयोजन के लिए संबंधित प्रशासनिक अनुमति लेना जरूरी होगा।
हथियार लेकर सार्वजनिक जगह पर निकलने पर भी रोक
प्रतिबंधात्मक आदेश में सार्वजनिक स्थानों पर तलवार, फरसा, भाला, लाठी, चाकू, छुरा, कुल्हाड़ी, गुप्ती, त्रिशूल समेत धारदार या अन्य हथियार लेकर चलने पर भी रोक लगाई गई है। सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों और नियम के तहत छूट प्राप्त लोगों को निर्धारित अपवाद लागू होंगे।सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, तोड़फोड़ करना, रास्ता रोकना या लोगों में भय पैदा करने वाली गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
तनाव को देखते हुए इलाके में बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया गया है। PTI के मुताबिक करीब 300 पुलिसकर्मियों को क्षेत्र में तैनात किया गया है, जबकि एहतियात के तौर पर 200 से 250 अतिरिक्त जवान भी बुलाए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति की निगरानी की। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। फिलहाल अधिकारियों के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है।
अब जांच बताएगी विवाद किस वजह से हिंसा में बदला
बिलासपुर की इस घटना में अभी दो स्तर पर जांच महत्वपूर्ण है। पहला, दो लोगों के बीच शुरू हुए विवाद के बाद किस तरह बड़ी संख्या में लोग आमने-सामने आए और पथराव की स्थिति बनी। दूसरा, सोशल मीडिया पर सामने आए कथित पोस्ट या कमेंट की इसमें वास्तविक भूमिका क्या थी।पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है। सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर पुलिस बल बढ़ा दिया है। पांच लोगों के घायल होने की आधिकारिक जानकारी सामने आई है और करीब 50 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की रिपोर्ट है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।























