पल्लेकेले: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक बेहद रोमांचक और निर्णायक मुकाबले में मेजबान श्रीलंका ने विश्व क्रिकेट की दिग्गज टीम ऑस्ट्रेलिया को चारों खाने चित कर दिया है। पल्लेकेले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस 30वें मैच में श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने खेल के हर विभाग में कंगारू टीम को बौना साबित कर दिया। श्रीलंका की इस ऐतिहासिक जीत के नायक रहे सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका, जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए मात्र 52 गेंदों में अपना शानदार शतक पूरा किया। उनकी नाबाद 100 रनों की इस पारी में कई आकर्षक चौके और गगनचुंबी छक्के शामिल थे, जिसने स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। निसांका ने शुरुआत से ही कंगारू गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और यह सुनिश्चित किया कि टीम कहीं भी लड़खड़ाए नहीं। उनकी इस बेखौफ बल्लेबाजी के चलते श्रीलंका ने महज 18 ओवरों में ही 182 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया और शान के साथ सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर लिया।
ताश के पत्तों की तरह बिखरी कंगारू टीम
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का ऑस्ट्रेलिया का फैसला शुरुआती कुछ ओवरों तक तो सही नजर आ रहा था, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने जल्द ही मैच का पासा पलट दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए ट्रेविस हेड ने 56 और कप्तान मिचेल मार्श ने 54 रनों की शानदार पारियां खेलीं, लेकिन उनके आउट होते ही मध्यक्रम पूरी तरह धराशायी हो गया। श्रीलंका की ओर से युवा स्पिनर दुशान हेमन्था ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट चटकाए, जबकि तेज गेंदबाज दुश्मंथा चमीरा को 2 सफलताएं मिलीं। महीश तीक्षणा, वेल्लालागे और कामिंदु मेंडिस की किफायती गेंदबाजी के सामने कंगारू बल्लेबाज अंतिम ओवरों में एक-एक रन के लिए तरसते नजर आए और पूरी टीम पारी की आखिरी गेंद पर 181 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
श्रीलंकाई गेंदबाजों का जलवा
गेंदबाजी में श्रीलंका की ओर से दुशान हेमन्था सबसे सफल रहे, जिन्होंने 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। इसके अलावा दुश्मंथा चमीरा को 2 विकेट मिले, जबकि तीक्षणा, वेल्लालागे और कामिंदु मेंडिस ने 1-1 विकेट चटकाकर ऑस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से केवल मार्कस स्टोइनिस ही 2 विकेट ले पाए। इस हार ने ऑस्ट्रेलिया की राह मुश्किल कर दी है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 3 में से सिर्फ 1 मैच जीता है और 2 अंकों के साथ वह तीसरे स्थान पर है।
ऑस्ट्रेलिया की राह हुई मुश्किल
इस करारी हार ने वर्ल्ड कप की सबसे सफल टीमों में शुमार ऑस्ट्रेलिया की राह बेहद कठिन कर दी है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक खेले गए 3 मुकाबलों में से केवल 1 में जीत दर्ज की है और 2 हार के साथ वे अंक तालिका में तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। अब ऑस्ट्रेलिया की किस्मत उनके अपने हाथ में न होकर जिम्बाब्वे के प्रदर्शन पर टिकी है। यदि जिम्बाब्वे की टीम अपने बचे हुए मैचों में एक भी जीत हासिल कर लेती है, तो ऑस्ट्रेलिया का वर्ल्ड कप जीतने का सपना यहीं टूट जाएगा। अब कंगारू फैंस को उम्मीद करनी होगी कि जिम्बाब्वे अपने दोनों मैच हार जाए और ऑस्ट्रेलिया अपना आखिरी मैच बड़े अंतर से जीतकर नेट रनरेट के आधार पर सुपर-8 में जगह बना सके।


























