रायपुर। दीपक बैज का प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल पूरा होने के बाद नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। टीएस सिंहदेव, डॉ. शिवकुमार डहरिया, उमेश पटेल और देवेंद्र यादव के नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल 12 जुलाई को पूरा हो गया है। पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। टीएस सिंहदेव और मंत्री शिवकुमार डहरिया की दावेदारी की चर्चा है। पूर्व अध्यक्ष नंदकुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल का नाम भी सामने आया है। राहुल गांधी से उनकी हाल की मुलाकात ने सस्पेंस और बढ़ा दिया है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में इन दिनों नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सरगर्मी तेज है। आमतौर पर पार्टी में यह जिम्मेदारी तीन साल के लिए दी जाती है, लेकिन विशेष हालात में हाईकमान ही तय करती है कि अध्यक्ष को कब तक पद पर रखा जाए। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कार्यकाल सबसे लंबा रहा है। वे करीब पांच साल तक प्रदेश अध्यक्ष रहे। उनके नेतृत्व में पार्टी सत्ता तक भी पहुंची थी। वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि यदि उन्हें जिम्मेदारी दी गई तो वे इसके लिए तैयार हैं। उनके समर्थकों ने इसके लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन भी चलाया था, हालांकि सिंहदेव ने समय रहते समर्थकों को इससे रोक दिया।
अनुभव के लिहाज से मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया का नाम भी दावेदारों में गिना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वे लगातार दिल्ली के दौरे कर रहे हैं। पार्टी के भीतर उनका गंतव्य दिल्ली के बंगला नंबर 5, सुनहरी बाग रोड के आसपास बताया जा रहा है। जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग के लिए रायपुर आए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विधायक उमेश पटेल से करीब 15 मिनट अकेले में बात की। इस चर्चा ने राजनीतिक हलकों में खासी सुगबुगाहट पैदा कर दी है। हालांकि चर्चा का विषय सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह अटकल तेज है कि नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश में उमेश पटेल का नाम भी शामिल हो सकता है।
उमेश पटेल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल के बेटे हैं। वे अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभाल रहे हैं और पार्टी में उन्हें दबंग नेता माना जाता है। पार्टी का एक धड़ा विधायक देवेंद्र यादव को भी छत्तीसगढ़ की राजनीति का उभरता चेहरा मानता है। उमेश पटेल और देवेंद्र यादव दोनों ओबीसी वर्ग से आते हैं। ऐसे में अगर हाईकमान ओबीसी और युवा चेहरे को यह जिम्मेदारी देने का मन बनाती है, तो दोनों इस दौड़ में फिट बैठते हैं। यह पूरा मामला अभी अटकलों के दौर में ही है। अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा। आने वाले दिनों में तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।























