- कोयला, आयरन ओर और फ्लाई एश परिवहन में लापरवाही करने वालों पर हो रही कार्रवाई
रायगढ़। प्रदेश में रायगढ़ एकमात्र ऐसा जिला है जहां प्रदूषण को लेकर लगातार कार्रवाई हो रही है। पर्यावरण संरक्षण मंडल ने जो मानक संचालन प्रक्रिया जारी की थी। उसका उल्लंघन करने पर वाहनों से क्षतिपूर्ति वसूली जा रही है। कार्रवाई लगातार होने का परिणाम है कि 11 महीनों में डेढ़ करोड़ रुपए की वसूली हो गई है। पर्यावरण विभाग ने जुलाई 2024 में एक एसओपी जारी की थी जिसके अनुसार उद्योगों के कच्चे माल, उत्पाद, अपशिष्ट और फ्लाई एश परिवहन में नियम लागू किए गए थे। तारपोलिन कवर ठीक से नहीं होने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
इसमें भी बदलाव किए गए। किसी उद्योग द्वारा बार-बार उल्लंघन करने पर उसको सील तक किया जा सकता है। पर्यावरण विभाग रायगढ़ की टीम ने इन 11 महीनों में सडक़ों पर लगातार निरीक्षण किया है। कोई भी वाहन इसका उल्लंघन करता पाया गया तो उस पर पेनाल्टी लगाई गई। संबंधित उद्योग के नाम से नोटिस जारी किया गया है। जुलाई 2024 से मई 2025 के बीच 304 वाहनों से 1,40,55,248 रुपए का जुर्माना वसूला गया। जनवरी-फरवरी में तो डेढ़ सौ गाडिय़ों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई।
सख्ती हुई तो सुधरने लगे उद्योग
पर्यावरण विभाग और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने हर रोड पर जाकर जांच की। जो भी वाहन एसओपी के विरुद्ध परिवहन करता पाया जाता है उस पर तुरंत पेनाल्टी लगाई जाती है। पहले कोयला और फ्लाई एश परिवहन के दौरान तिरपाल ढंका नहीं होता था। राखड़ उडक़र हवा में फैलता जाता था। सडक़ किनारे भी अवैध डंपिंग की जाती रही। इन पर कार्रवाई शुरू हुई तो अब उद्योग भी तिरपाल लगाने में गंभीर हुए हैं।


























