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इंडिया हारती तो…’! शाहिद अफरीदी ने किया सबसे ‘खतरनाक’ खुलासा: एशिया कप फाइनल जीतने पर पाकिस्तान क्या करने वाला था?

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सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने एशिया कप 2025 का खिताब जीतकर न सिर्फ ट्रॉफी अपने नाम की, बल्कि चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के एक बड़े और ‘खतरनाक’ प्लान पर भी पानी फेर दिया। रविवार को खेले गए फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर जोरदार जवाब दिया। हालांकि, इस जीत के बाद जो सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है, वो पाकिस्तान के पूर्व दिग्गजों शाहिद अफरीदी और मुहम्मद यूनुस से जुड़ा है। उन्होंने फाइनल से पहले ही बता दिया था कि अगर पाकिस्तान जीतता, तो वह इस ऐतिहासिक कामयाबी को किसे समर्पित करता।

अगर इंडिया हारती, तो क्या होता पाकिस्तान का कदम?

मैच से पहले पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी और मुहम्मद यूनुस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि अगर फाइनल में उनकी टीम भारत को हराने में कामयाब होती, तो वे इस जीत को पाकिस्तान एयर फ़ोर्स (PAF) को समर्पित करते। अफरीदी ने तो यह भी बताया कि यह विचार उन्होंने खुद पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दिया था। यानी, पाकिस्तान की योजना इस क्रिकेट जीत को सिर्फ खेल तक सीमित न रखकर, इसे सीधे अपने सैन्य प्रतिष्ठान को समर्पित करके एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की थी। यह प्लान भारत के उस कदम के जवाब में तैयार किया गया था, जब ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान को हराने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी जीत भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित की थी। उस समय पीसीबी ने सूर्या की शिकायत आईसीसी से भी कर दी थी।


सूर्यकुमार का देशभक्ति संदेश और PCB की बेचैनी

पूरे टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान के बीच मैदान के अंदर और बाहर तनाव बना रहा। पहले मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाकिस्तानी प्लेयर्स से हाथ न मिलाना, और फिर सुपर-4 में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की ‘चिढ़ाने’ वाली हरकतें इस तनातनी को दर्शाती हैं। फाइनल जीतने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जो किया, उसने पाकिस्तान के इरादों पर जोरदार प्रहार किया। सूर्या ने ऐलान किया कि वह टूर्नामेंट में खेले सभी 7 मैचों की अपनी फीस इंडियन आर्मी को दान कर रहे हैं। यह एक ऐसा कदम था, जिसने खेल के मंच से भारतीय सेना के प्रति सम्मान और देशभक्ति का एक मजबूत संदेश दिया। दूसरी तरफ, हार के बाद एक और घटना सामने आई, जिसमें पता चला कि टूर्नामेंट की ट्रॉफी मोहसिन नकवी (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष) ने मैदान से बाहर भिजवा दी थी, क्योंकि उन्हें पता चला था कि टीम इंडिया उनके हाथ से ट्रॉफी नहीं लेना चाहती।

फाइनल की कांटे की टक्कर

भले ही पाकिस्तान का ‘समर्पण’ का सपना अधूरा रहा, लेकिन फाइनल मुकाबला आखिरी ओवर तक गया। 147 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत के टॉप-3 विकेट सिर्फ 20 रन पर गिर गए थे। इसके बाद तिलक वर्मा और संजू सैमसन के बीच 57 रनों की अहम साझेदारी हुई। तिलक ने फिर शिवम दुबे के साथ मिलकर 60 रनों की साझेदारी की और टीम को जीत के करीब ले गए। आखिरी ओवर में भारत को 10 रन चाहिए थे। तिलक वर्मा ने हारिस रउफ की गेंद पर छक्का लगाकर दबाव कम किया, और फिर रिंकू सिंह ने विनिंग शॉट लगाकर भारत को 5 विकेट से जीत दिलाई। नाबाद 69 रन बनाने वाले तिलक वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

इस जीत ने न सिर्फ भारत को एशिया कप दिलाया, बल्कि पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों के उन ‘गुप्त’ इरादों को भी नाकाम कर दिया, जो खेल के मैदान से सैन्य संदेश देने की फिराक में थे।

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