रायगढ़, 21 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहां एक शख्स की कार का नंबर प्लेट चोरी कर उसी नंबर की दूसरी फर्जी कार का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की नीयत से किया जा रहा था, लेकिन किस्मत से असली मालिक के परिजनों ने उस फर्जी कार को सड़क पर दौड़ते हुए पकड़ लिया। रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र के कुडे़केला निवासी अतुल कुमार अग्रवाल की सजगता और उनके भाई की हिम्मत से एक बहुत बड़ी साजिश का भंडाफोड़ हुआ है।
अतुल कुमार की हुंडई क्रेटा कार क्रमांक CG 11 AL 1008 का नंबर प्लेट बीते 11 अप्रैल को उनके घर के बाहर से चोरी हो गया था, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने तत्काल थाने में दर्ज कराई थी। मामला तब सनसनीखेज हो गया जब 17 अप्रैल की रात अतुल का भाई आशीष अग्रवाल बिलासपुर से खरसिया लौट रहा था। इसी दौरान उसने मदनपुर गबेल पेट्रोल पंप के पास अपनी ही कार के नंबर वाली एक दूसरी सफेद क्रेटा को खड़ी देखा।
जब आशीष ने घर फोन कर पूछा तो पता चला कि असली कार तो घर पर खड़ी है। शक गहराते ही आशीष और उसके साथियों ने उस फर्जी नंबर वाली कार का पीछा शुरू किया। खुद को घिरता देख आरोपी पलगड़ा रोड के पास कार छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि अज्ञात आरोपी इस फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किसी गंभीर अपराध या धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए कर रहे थे।
अतुल अग्रवाल की शिकायत पर खरसिया पुलिस ने अब अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस अब उस लावारिस कार के जरिए अपराधियों के गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। रायगढ़ इलाके में इस घटना के बाद से कार मालिकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।























