Gujarat Somnath News: प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी आज शनिवार को गुजरात के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सोमनाथ मंदिर पहुंचे। (Somnath Swabhiman Parv) यहां उनका जोरदार स्वागत किया गया, सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में खड़े लोग पीएम का अभिवादन करते नजर आए। प्रधानमंत्री ने सर्किट हाउस में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान मंदिर परिसर के विकास, सुविधाओं के विस्तार और तीर्थयात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने पर चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत विरासत, आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है।





सोमनाथ मंदिर में की पूजा, ओंकार मंत्र का जाप
शाम के वक्त करीब 8 बजे प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद पीएम मोदी ने ओंकार मंत्र का जाप किया, जिससे पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा- सोमनाथ में होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने इसे हमारी सभ्यतागत वीरता और आत्मसम्मान का गर्वित प्रतीक बताया और लोगों के स्नेहपूर्ण स्वागत के लिए आभार जताया।





3000 ड्रोन से प्रकाशमय हुआ आकाश
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व (Somnath Swabhiman Parv) के तहत अरब सागर के तट पर एक भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 3000 ड्रोन ने आसमान में अद्भुत दृश्य रचे। ड्रोन शो में त्रिशूल, ओम, भगवान शिव का तांडव, वीर हमीरजी, अहिल्याबाई होल्कर, सरदार वल्लभभाई पटेल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आकृतियां दिखाई गईं। साथ ही सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक आक्रमण और स्वाभिमान पर्व के प्रतीकों को भी दर्शाया गया। करीब 15 मिनट तक चले इस शो को 40% ऑपरेटरों ने संचालित किया, जिसे पीएम मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रत्यक्ष रूप से देखा। शो के बाद समुद्र तट पर शानदार आतिशबाजी भी हुई।





स्वाभिमान पर्व, शौर्य यात्रा और 72 घंटे ओम जाप
Gujarat Somnath News पीएम मोदी आज और कल गुजरात में ही रहेंगे और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। (Somnath Swabhiman Parv) यह पर्व वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। 11 जनवरी को पीएम मोदी शौर्य यात्रा में शामिल होंगे, जिसमें 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकलेगा। इसके बाद वह मंदिर में पूजा करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान, मंदिर परिसर में 72 घंटे तक लगातार ओम का जाप भी किया जा रहा है, जो सोमनाथ की अटूट आस्था, दृढ़ता और राष्ट्रीय गौरव को दर्शाता है।











