जांजगीर-चांपा। सक्ती जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव में 23 अप्रैल को हुए गोलीकांड का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया है. मामले में सफलता हासिल करते हुए 3 आरोपियों को पिस्टल और मैगजीन के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है. मृतक आयुष के परिवार से पैसों के लेन-देन, व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा और बढ़ते प्रभाव के कारण हत्या की साजिश रची गई थी.
आरोपियों की तलाश में 7 राज्यों तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए, संदिग्धों से लगातार पूछताछ की. इस बीच साइबर और आसूचना टीम लगातार सक्रिय रही. वहीं गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर सहित 7 राज्यों में पुलिस की अलग-अलग टीम ने दबिश भी दी.
गिरफ्तार आरोपी
सभी आरोपी सक्ती जिले के रहने वाले हैं. गिरफ्तार आरोपियों में 23 साल के भूषण बघेल, 23 साल के हेमंत कुमार बघेल और 28 साल के अमित टंडन शामिल हैं. इनके कब्जे से एक पिस्टल और मैगजीन, एक अतिरिक्त खाली मैगजीन, घटना में इस्तमाल मोटरसाइकिल बरामद किया गया है.
क्या है पूरा मामला ?
पूरी वारदात बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत करही गांव की है. 23 अप्रैल की करीब रात 12 बजे तीन अज्ञात नकाबपोश हमलावर घर के पीछे के रास्ते से व्यवसायी सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसे. घर में घुसने के बाद वह सबसे पहले उस कमरे में पहुंचे, जहां आयुष, उसका भाई और एक बहन सो रहे थे. हमलावरों ने 19 वर्षीय आयुष कश्यप पर दो राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली सीने और दूसरी कनपटी पर लगी. उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, आशुतोष कश्यप पर भी एक राउंड फायर किया गया, जो उसके दाहिने हाथ में लगी. इस दौरान पैसों की मांग की बात भी सामने आई है. फिलहाल घायल आशुतोष को तत्काल जिला अस्पताल जांजगीर में भर्ती कराया जा रहा है.
राजनीति से भी जुड़ा है परिवार
मृतक आयुष कश्यप, सम्मेलाल कश्यप का बेटा था, जो हाल ही में रेत के कारोबार में शामिल था. बीती रात वह जांजगीर-चांपा में रेत गाड़ी को छुड़वाने गया हुआ था, वहां वह देर रात वापस लौटा था. सम्मेलाल कश्यप लोहा व्यापारी होने के साथ ही ब्लॉक कांग्रेस के उपाध्यक्ष हैं. वह पूर्व में उपसरपंच भी रह चुके हैं. वहीं उनकी पत्नी भी पूर्व सरपंच रह चुकी हैं.























