छोड़कर सामग्री पर जाएँ

रायगढ़ के अद्भुत गोठान, जितने का उत्पादन, उतने की बिक्री

IMG 20240804 WA0004
  • धरमजयगढ़ के गोठानों ने बनाया इतिहास, करोड़ों के वारे-न्यारे

रायगढ़। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने गांवों में गोठानों की परिकल्पना की और वहां महिला समूहों को रोजगार दिलाने के लिए प्रयास किए। रायगढ़ के गोठानों ने इतिहास बना दिया है। महिला समूहों ने जितनी राशि का उत्पादन किया गयस, ठीक उतने की ही बिक्री भी की गई। गोधन न्याय योजना का कॉन्सेप्ट भले ही अच्छा रहा हो लेकिन सरकारी मशीनरी ने इसे बर्बाद कर दिया। पहले मनमाने निर्माण करवाए फिर वर्मी कम्पोस्ट का नाटक रचा। अब वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। सरकार ने गोठानों के आंकड़े जारी किए हैं जिसमें महिला समूहों के निर्माण और विक्रय की जानकारी दी गई है।

इसमें रायगढ़ के सात ब्लॉक के गोठानों की भी जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक स्व सहायता समूहों ने जितनी राशि का सामग्री उत्पादन किया, उतने का ही विक्रय भी किया। आमतौर पर निर्माण सामग्री और उत्पाद के कीमत में अंतर होता है। तमनार में 42 में से 37 गोठानों में महिला समूहों ने 1.71 करोड़ रुपए से उत्पादन किया गया। उत्पाद विक्रय का आंकड़ा 1.91 करोड़ हो गया। लेकिन पुसौर, खरसिया और घरघोड़ा में दोनों आंकड़े बराबर ही हैं। पुसौर में 56 में से 53 गोठानों में 2.57 करोड़ का उत्पादन हुआ और इतने की ही बिक्री भी।

धरमजयगढ़ में तो 99 में से 90 गोठानों ने 2.76 करोड़ का उत्पादन हुआ जबकि 4.28 करोड़ विक्रय से प्राप्त हुए। लैलूंगा में 2.70 करोड़ का उत्पादन हुआ और 2.49 का विक्रय। रायगढ़ में 4.18 करोड़ का उत्पादन हुआ और 4.09 करोड़ का विक्रय। गोठानों में जो भ्रष्टाचार हुआ है, उसमें सबसे बड़ी भूमिका गोबर खरीदी और खाद विक्रय का है।

वर्मी कम्पोस्ट से जबर्दस्ती कराई कमाई
सरकार ने गोबर खरीदने के बाद फंसने की स्थिति आई तो वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट की कहानी बनाई। सहकारी समितियों को माध्यम बनाकर किसानों को गोबर खरीदने को मजबूर किया गया। समिति के नाम पर वर्मी कम्पोस्ट चढ़ाकर राशि ले ली जाती थी। यही राशि समूहों की कमाई और समितियों में कर्ज के रूप में दिख रहा है।

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: