रायगढ़। क्या कोई मां इतनी निर्दयी हो सकती है कि महज थकावट की झुंझलाहट में अपने ही ढाई साल के जिगर के टुकड़े को मौत के घाट उतार दे? थाना कापू के पारेमेर में हुई इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात ने ममता को शर्मसार कर दिया है। पहाड़ की पगडंडियों पर मासूम अनुज की लाश तो मिल गई, लेकिन उसकी कातिल मां तीन दिनों तक पुलिस और पूरे गांव की आंखों में धूल झोंकती रही। आखिर पुलिस ने उस शातिर मां के ‘अपहरण’ वाले बुने हुए जाल को कैसे काटा और कैसे एक पत्थर ने इस खौफनाक कत्ल की पूरी कहानी बयां कर दी? पढ़िए, रायगढ़ पुलिस की उस वैज्ञानिक जांच की पूरी इनसाइड स्टोरी, जिसने पत्थर-दिल मां को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया…
वारदात का खुलासा
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले का खुलासा तब हुआ, जब 19 अप्रैल को मृतक बालक अनुज के पिता बोधसाय मंझवार (28 वर्ष) ने थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराई। बोधसाय ने बताया कि 16 अप्रैल (गुरुवार) की सुबह करीब 5 बजे जब वह जंगल गया था, तब घर पर उसकी पत्नी सोनमती और दोनों बच्चे – साढ़े चार वर्षीय ढूलबाई व ढाई वर्षीय अनुज मौजूद थे। दोपहर में जब वह घर लौटा तो सन्नाटा था। शाम को बेटी ढूलबाई अकेले घर पहुंची और उसने बताया कि मां उसे वापस भेजकर छोटे भाई अनुज को लेकर रानी गौवा स्थित नानी घर के लिए जंगल की ओर निकल गई है। अनहोनी की आशंका में परिजनों और ग्रामीणों ने दो दिनों तक जंगलों की खाक छानी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार, 18 अप्रैल की रात करीब 1 बजे रानीगौवा पहाड़ की पगडंडी पर एक महुआ पेड़ के नीचे खून से सना पत्थर मिला, जिससे सबकी रूह कांप गई। पास ही गहरी खाई में मासूम अनुज का लहूलुहान शव पड़ा था, जिसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे।
पैदल न चलने की जिद पर कर दी मासूम की हत्या
मामले की गंभीरता को देखते हुए कापू पुलिस ने तत्परता से अपराध क्रमांक 68/2026 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर संदेही महिला को हिरासत में लिया। थाना प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की। शुरुआत में महिला लगातार अपहरण की कहानी गढ़कर गुमराह करती रही, लेकिन जब पुलिस ने तथ्यों के आधार पर सख्ती दिखाई, तो वह टूट गई। पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह बच्चों को लेकर मायके जा रही थी। पहाड़ी चढ़ाई के दौरान वह थक गई थी, इसलिए उसने अनुज को जमीन पर उतारकर पैदल चलने को कहा। जब बालक अनुज थककर जमीन पर बैठ गया, तो गुस्से में आकर उसने अपने ही ढाई साल के मासूम बेटे को जमीन पर पटक दिया और पास पड़े पत्थर से उसके सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह घर लौटकर झूठी कहानी बनाकर सबको भ्रमित करती रही।
पुलिस की प्रभावी कार्रवाई
कापू पुलिस ने मामले में आधुनिक ‘ई-साक्ष्य’ के तहत आरोपी महिला का वीडियोग्राफी बयान लिया और घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त पत्थर सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए। आरोपी सोनमती सरोती मंझवार (27 वर्ष) को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी व एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के सतत मार्गदर्शन पर इस पूरे घटनाक्रम का पटाक्षेप हुआ है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कापू इगेश्वर यादव, प्रधान आरक्षक जयशंरण चन्द्रा, रामलाल सिदार, आरक्षक विभूति सिदार, संजीव पटेल, देवनारायण भगत, महिला आरक्षक बबीता भगत, संगीता लकड़ा और डायल 112 चालक तेज कुमार बघेल ने पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश किया























