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62 में से 41 पद खाली, पंगु होकर चल रहा मेडिकल कॉलेज

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज की मुख्य बिल्डिंग का बाहरी दृश्य जहाँ डॉक्टरों के पद खाली हैं

आधे से अधिक सहायक प्राध्यापकों के पद रिक्त, शिशु रोग, बायो केमिस्ट्री, कम्यूनिटी मेडिसीन समेत आठ विभाग खाली

रायगढ़। सब कुछ बदल रहा है लेकिन मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में फैकल्टी की समस्या बरकरार है। अभी भी आठ विभागों में सहायक प्राध्यापकों के सारे पद रिक्त हैं। इन विषयों में कोई असिस्टेंट प्रोफेसर ही नहीं है। शिशु रोग, कम्यूनिटी मेडिसीन, अस्थिरोग जैसे कई अहम विभागों में भी पद रिक्त होने की वजह से मेडिकल कॉलेज ही पंगु होकर चल रहा है। जब रायगढ़ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई थी तब उम्मीद की गई थी कि सभी तरह के संसाधन इस कॉलेज में दिए जाएंगे। देश के कई हिस्सों से छात्र आकर डॉक्टर बनकर निकलेंगे तो कॉलेज का नाम होगा। जितने भी विषय और विभाग मेडिकल कॉलेज में होते हैं, सभी में रिक्त पदों की वजह से कॉलेज पूरी क्षमता से कभी नहीं चल पाया। हमेशा कोई न कोई कमी रही।

अभी तक रायगढ़ मेडिकल कॉलेज इस अपूर्णता से नहीं उबर पाया। यहां करीब 35 विभागों में 62 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मंजूरी दी है। यह बात केवल मंजूरी तक ही अटक गई है। इन पदों को भरने के लिए योग्य डॉक्टरों की कमी है। अभी भी 41 पद खाली हैं। एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी आदि में एक-दो पद भरे हुए हैं। लेकिन छात्रों की संख्या और पीजी सीटों को देखते हुए रिक्त पदों को पूरी तरह भरा जाना जरूरी है। अभी कम्यूनिटी मेडिसीन, शिशुरोग, टीबी एंड चेस्ट, मनोरोग, अस्थिरोग, फिजिकल मेडिसीन एंड रिहैबिलेटेशन और इमरजेंसी मेडिसीन में सभी पद रिक्त पड़े हुए हैं।

नहीं टिक रहे डॉक्टर

मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। कोई भी डॉक्टर आते हैं तो कुछ समय बाद छोडक़र चले जाते हैं। कोई भी यहां नहीं टिकता। अभी भी कई विभागों के लिए पद ही स्वीकृत नहीं हैं। कार्डियोलॉजी, क्रिटिकल केयर, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी आदि में तो असिस्टेंट प्रोफेसर के पद ही नहीं हैं।

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Editorial

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