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रायगढ़ में पाताल की ओर जाता पानी : 3 महीने में 16 मीटर गिरा भू-जल स्तर,

WatercrisisinRaigarh
  • रायगढ़ ब्लॉक के अलावा बाकी सभी जगहों पर स्थिति चिंताजनक
  • पुसौर और खरसिया में 45 मीटर तक पहुंचा वाटर लेवल, तमनार-घरघोड़ा में खदानों से सूखा भू-जल

रायगढ़। जल संरक्षण के लिए चलाई जा रही तमाम मुहिम बेकार में जाया हो रही है। वर्षा जल को भूमिगत करने के लिए कोई ढांचा तैयार नहीं किया जा रहा है। इसका असर है कि महज तीन महीनों में जिले का वाटर लेवल 16 मीटर तक गिर चुका है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के नियमों को ही पूरी तरह लागू नहीं करवा सके हैं। रायगढ़ जिला औद्योगिक दृष्टि से प्रदेश के लिए बहुत अहम है। कोयला, स्टील समेत कई उत्पाद रायगढ़ से निकलते हैं। उद्योगों के साथ ही आबादी बसाहट भी बढ़ती जा रही है। इसका असर मौजूद जल भंडार पर भी पड़ रहा है। जिले में जमीन के नीचे कितनी गहराई में पानी है, इसका परीक्षण नियमित होता है। अभी गर्मी का हल्का सा एहसास भर हुआ है।

प्रचंड गर्मी का समय अभी आना बाकी है, लेकिन भू-जल स्तर को देखे तो अभी से पानी रसातल पर जाने लगा है। आने वाले दो महीनों में हालात भयावह होने वाले हैं। अगस्त में रायगढ़ जिले का औसत जल स्तर 14-20 मीटर था, जो नवंबर में 16-22 मीटर पर पहुंचा। वर्तमान में यह 21-38 मीटर पर पहुंच चुका है। जिले के पुसौर का कुछ हिस्सा सेमी क्रिटिकल जोन में आता है। तमनार और घरघोड़ा में खदानों के कारण भू-जल स्तर पहले ही गिर चुका है। सोचिए कि नवंबर के बाद महज तीन महीने में पानी कितना नीचे जा चुका है। रायगढ़ ब्लॉक में स्थिति बाकी की तुलना में ठीक है। अन्य ब्लॉकों में तो भू-जल स्तर 45 मीटर तक पहुंच चुका है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग केवल दिखावा

तमाम नगरीय निकायों को बड़े भवनों, कॉलोनियों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण अनिवार्य रूप से करवाना है। 1600 वर्गफुट से अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों में यह अनिवार्य है, लेकिन इसका पालन नहीं होता। नगर निगम का ही उदाहरण लें तो पता चलेगा कि कॉम्पलेक्स और कॉलोनियों से इसके लिए राशि भी जमा करवा ली जाती है, लेकिन आरडब्ल्यूएच नहीं बनाया जाता। सरकारी भवनों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है। जहां बनाए गए हैं, वह केवल दिखावे के लिए है। तकनीकी रूप से सभी आरडब्ल्यूएच सिस्टम फेल हैं।

रायगढ़ जिले में गिरता भू-जल स्तर: ब्लॉकवार तुलनात्मक आंकड़े

ब्लॉक अगस्त-25 नवंबर-25 मार्च-26
रायगढ़ 18-20 मी. 20-23 मी. 23-30 मी.
पुसौर 18-21 मी. 18-24 मी. 25-45 मी.
खरसिया 9-22 मी. 15-18 मी. 21-45 मी.
घरघोड़ा 13-19 मी. 15-29 मी. 20-34 मी.
तमनार 17-19 मी. 18-20 मी. 24-32 मी.
लैलूंगा 15-20 मी. 16-21 मी. 15-40 मी.
धरमजयगढ़ 14-17 मी. 15-18 मी. 21-35 मी.

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विकास पाण्डेय

वेब न्यूज एडिटर

विकास पाण्डेय वर्तमान में रायगढ़ (छत्तीसगढ़) के प्रतिष्ठित समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' के डिजिटल विंग 'kelopravah.news' में न्यूज़ एडिटर के रूप में समाचार लेखन, ग्राउंड रिपोर्टिंग और संपादन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 15 वर्षों के NBFC क्षेत्र के अनुभव के बाद, समय की परिस्थितियों के कारण उन्होंने पत्रकारिता को चुना और 'RIG24 Media Network' जॉइन किया। वहां कार्य करते हुए ही उन्होंने BJMC की प्रोफेशनल डिग्री प्राप्त की और अपनी कार्यकुशलता के दम पर सीनियर न्यूज़ एडिटर के पद तक पहुँचे। अक्टूबर 2021 से वे 'केलो प्रवाह' के वेब पोर्टल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का कुशल संचालन एवं संपादन कर रहे हैं। विकास विशेष रूप से क्षेत्रीय घटनाक्रमों, जनसरोकार, राजनीति, खेती-किसानी, स्पोर्ट्स, ऑटोमोबाइल और करियर (Job) जैसे विभिन्न विषयों पर पाठकों की रुचि के अनुसार निरंतर और सरल शैली में सक्रिय रूप से लेखन कर रहे हैं।

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