रायगढ़। घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के छोटे गुमड़ा गांव में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक जंगली सुअर गंभीर रूप से घायल अवस्था में गांव के पास पहुंच गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन घावों के चलते उसकी मौत हो गई। जंगली सुअर के कान के नीचे तीर लगने जैसा गहरा निशान मिला है, जिसके बाद शिकार की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों की मौजूदगी में वन विभाग ने किया बचाने का प्रयास
जानकारी के अनुसार, रायगढ़ वन मंडल अंतर्गत आने वाले छोटे गुमड़ा गांव में रविवार सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों ने एक घायल जंगली सुअर को देखा। गांव के करीब वन्यजीव को देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने घायल सुअर को एक जगह रोककर तुरंत वन विभाग को मामले से अवगत कराया।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल वन्यजीव की जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए। हालांकि, गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण जंगली सुअर ने दम तोड़ दिया।
कान के पास गहरे घाव से शिकार का अंदेशा
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, जंगली सुअर के कान के नीचे एक गहरा घाव बना हुआ था, जो देखने में तीर लगने जैसा प्रतीत हो रहा था। आशंका जताई जा रही है कि किसी अन्य स्थान पर शिकारियों के हमले या अन्य कारण से घायल होने के बाद वह भटकते हुए छोटे गुमड़ा गांव तक आ पहुंचा था। हालांकि, चोट वास्तव में कैसे लगी और इसमें शिकारियों का हाथ है या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी मौत की असली वजह
घटना के बाद वन विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, मृत जंगली सुअर का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और कान के नीचे बने घाव की असल प्रकृति की पुष्टि हो सकेगी। वन विभाग का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।























