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परीक्षा में हाईटेक फर्जीवाड़ा : लिफाफे में सुई चुभोकर बिना सील तोड़े एंडोस्कोपी कैमरे से लीक किया पेपर, मास्टरमाइंड प्रोफेसर 5 साथियों समेत गिरफ्तार

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दुर्ग। छत्तीसगढ़ में पेपर लीक का एक बेहद चौंकाने वाला और हाईटेक मामला सामने आया है। दुर्ग के एक निजी कृषि कॉलेज के प्रोफेसर ने सीलबंद लिफाफे को बिना खोले, सुई से छेद कर उसमें एंडोस्कोपी कैमरा डाला और प्रश्न पत्र स्कैन कर लिया। इसके बाद सवालों को हाथ से लिखकर छात्रों को 11-11 हजार रुपये में बेच दिया गया। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड प्रोफेसर सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 2 अन्य की तलाश जारी है।

ऐसे रची गई हाईटेक नकल की साजिश

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी की पहचान योगेश सोनकेसरिया (38) के रूप में हुई है, जो साल 2019 से दुर्ग जिले के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर है। वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और नए प्रश्न पत्र लेने के लिए नियमित रूप से रायपुर कृषि महाविद्यालय आता था। 17 अगस्त को रायपुर से प्रश्न पत्र लेने के बाद, वह 20 अगस्त को होने वाली परीक्षा के पेपर वाला लिफाफा अपने घर ले गया। यहीं उसने सुई और सूजे की मदद से लिफाफे में एक बारीक छेद किया और मेडिकल में इस्तेमाल होने वाले एंडोस्कोपी कैमरे के जरिए अंदर रखे पेपर का वीडियो बना लिया।

व्हाट्सएप पर परीक्षा से दो घंटे पहले पहुंचा पेपर

यह मामला इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) से संबद्ध 28 कृषि कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं से जुड़ा है। 7 अगस्त को बीएससी कृषि प्रथम वर्ष (प्लांट पैथोलॉजी) और 20 अगस्त को द्वितीय वर्ष (कीटशास्त्र) की परीक्षाएं होनी थीं। 20 अगस्त को परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही प्रश्न पत्र और उनके हाथ से लिखे उत्तर छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप्स में पहुंच गए। कवर्धा कृषि कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रबंधन को ईमेल के जरिए जब इसकी जानकारी मिली, तो तत्काल प्रभाव से परीक्षा स्थगित कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

36 घंटे की जांच में नेटवर्क का भंडाफोड़

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। सबसे पहले दुर्ग निवासी अनुज मिंज को हिरासत में लिया गया। उसकी निशानदेही पर रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और कबीरधाम में अलग-अलग टीमों ने दबिश दी और 36 घंटे की लगातार जांच के बाद पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने प्रोफेसर योगेश और अनुज मिंज के अलावा अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय और आदित्य साहू को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी वर्तमान में दुर्ग में ही रह रहे थे।

कैमरा, नकदी और अन्य उपकरण जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस (एंडोस्कोपी कैमरा), 6 मोबाइल फोन, केबल, मोबाइल कनेक्टर, लिफाफे में छेद करने वाली सुई, सूजा, फेविकोल, कॉपियां और 11 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इसके साथ ही इस बात की भी गहन विवेचना की जा रही है कि पेपर लीक के इस खेल में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

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विकास पाण्डेय

न्यूज एडिटर

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय से वर्ष 1988 से निरंतर प्रकाशित हो रहे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' के 'Digital Wing' में News Editor की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। Finance (NBFC) क्षेत्र के 15 वर्षों के अनुभव के बाद इन्होंने 'RIG24 Media Network' से Journalism की शुरुआत की और कार्य के दौरान ही 'BJMC' की Professional Degree प्राप्त की। ​विकास अक्टूबर 2021 से 'केलो प्रवाह' के Web News Portal और Social Media Platforms का संचालन एवं संपादन कर रहे हैं। ये विशेष रूप से क्षेत्रीय घटनाक्रम, Exclusive रिपोर्ट्स, सीएम की गतिविधियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ Agriculture, Politics, Finance, Infrastructure, Development, Employment, Sports, Career, Current Affairs, सामाजिक, देश-प्रदेश और शासन-प्रशासन से संबंधित कई विषयों पर निरंतर लेखन कर रहे हैं, जो पाठकों की जरूरत के अनुसार उपयोगी हों।

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