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कोंड़ातराई शिफ्ट हो रहा धान संग्रहण केंद्र, 10 लाख होंगे खर्च

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  • लोहरसिंग की जमीन स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के लिए आवंटित, तकनीकी स्वीकृति के बाद लगेगा टेंडर

रायगढ़। धान खरीदी की रफ्तार बढ़ गई है। कई खरीदी केंद्र बफर लिमिट पार कर चुके हैं। राईस मिलर्स के डीओ काटे जा रहे हैं लेकिन उठाव धीमा है। अब संग्रहण केंद्र खोले जाने की नौबत आ गई है। इस बार मार्कफेड ने लोहरसिंग संग्रहण केंद्र को बंद करके कोंड़ातराई हवाई पट्टी में ही धान संग्रहण की तैयारी की है। इसमें करीब दस लाख रुपए का खर्च आ रहा है। धान खरीदी से सीजन में हर साल संग्रहण केंद्रों की जरूरत पड़ती है। समितियों में धान नहीं रखा जाता। उपार्जन केंद्रों से धान लाकर संग्रहण केंद्रों में जमा किया जाता है।

अब तब जिले में खरसिया और लोहरसिंग दोनों संग्रहण केंद्रों में धान जमा किया जाता रहा है। लोहरसिंग में 42 एकड़ जमीन पीडब्ल्यूडी को दी जा चुकी है जिसमें इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनने वाला है। इसकी प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है और अब तकनीकी मंजूरी का इंतजार है। इस बार धान संग्रहण नहीं किया जा रहा है। मार्कफेड ने वैकल्पिक उपाय के तौर पर कोंड़ातराई हवाई पट्टी को संग्रहण केंद्र बनाने की तैयारी की है। लेकिन यह मैदान चारों ओर से खुला है। यहां कंटीले तारों से घेराव समेत कई व्यवस्थाएं करने के लिए करीब दस लाख का बजट स्वीकृत किया गया है। कोंड़ातराई में पहले भी धान संग्रहण किया जाता रहा है।

हमालों को चिंता, काम मिलेगा या नहीं

लोहरसिंग में कई सालों से हमालों का एक समूह काम कर रहा है। लोडिंग, स्टेकिंग में इनका रेट तय है। इस बार कोंड़ातराई में संग्रहण केंद्र खुलने से उनको चिंता सता रही है कि वहां काम मिलेगा या नहीं। जगह बदलने पर स्थानीयों का काम पर कब्जा हो जाता है। स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का काम शुरू होने में अभी कम से कम तीन-चार महीने लग सकते हैं।

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Editorial

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