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पुराना धान रिसायकल कर समिति में बेचा, मिलों में बन रहा पाखड़ चावल

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  • सारंगढ़-बिलाईगढ़ में धान घोटाला, अब उठाव के बाद मिलिंग करने पर निकल रहा है घटिया क्वालिटी का चावल

रायगढ़, 4 फरवरी। रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की समितियों में धान घोटाले को पूरी तरह नहीं रोका जा सका। भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट भी कलेक्टर तक नहीं पहुंच सकी। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में तो अलग ही तरह का घपला हुआ है। यहां 23-24 के पुराने धान और रबी के धान की रिसायक्लिंग कर दी गई। कई बिचौलियों ने मिलों में जमा धान को खरीदकर समितियों में खपा दिया। इसका उठाव कर मिलिंग की गई तो चावल की क्वालिटी खराब निकल रही है। सरकार ने धान खरीदी में बोगस एंट्री और पुराने धान की रिसायक्लिंग रोकने के लिए कलेक्टरों को सख्ती करने का आदेश दिया था। रायगढ़ में तो कुछ हद तक कार्रवाई हुई है। लेकिन सारंगढ़-बिलाईगढ़ में गड़बड़ी के रिकॉर्ड तोड़ दिए गए हैं। यहां बोगस एंट्री के अलावा रिसायक्लिंग भी बड़े पैमाने पर की गई।

राइस मिलर्स के पास 23-24 का धान और रबी का भी धान भंडारित था। कई कोचियों के पास भी रबी का धान था। इसे 20-22 रुपए प्रति किलो में खरीदकर समितियों में पलट दिया गया। सांठगांठ होने के कारण समिति प्रबंधकों और नोडल अधिकारियों ने कोई आपत्ति नहीं की। मार्जिन राशि में सबका हिस्सा बंधा हुआ है। जब तक खरीदी हुई, तब तक इस खेल का खुलासा नहीं होने दिया गया। अफसरों के संरक्षण में यह काम बेधडक़ चलता रहा। अब यह सामने आ रहा है। दरअसल, मिलर्स ने डीओ में धान उठाव किया। नए धान की मिलिंग करने पर पाखड़ चावल निकलने की शिकायतें आ रही हैं। पुराना धान होने के कारण चावल का रंग ही बदल गया है। ब्रोकन भी बहुत ज्यादा है।

राइस मिलरों को चावल देखकर समझ आ रहा है कि धान पुराना है। 2024 रबी सीजन का धान होने के कारण पाखड़ चावल निकल रहा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 23-24 में 83251 किसानों से 46.91 लाख क्विं. की खरीदी हुई थी जबकि इस बार 84559 किसानों से 46.56 लाख क्विं. खरीदी हुई। सारंगढ़ में 27135 किसानों से मात्र 290 हे. ही सरेंडर करवाया गया है। मतलब पुराने धान को रिक्त रकबे पर खपाया गया है।

नागरिक आपूर्ति निगम में जमा होगा चावल

अब यहां घपला सामने आने लगा तो कई अफसर चौंकन्ने हो गए हैं। मिलर्स भी खराब धान मिलने के कारण नुकसान उठाने की हालत में नहीं हैं। पहले ही उनको नुकसान उठाना पड़ा है। अब पाखड़ चावल को भी एडजस्ट करने की तैयारी की जा रही है। नागरिक आपूर्ति निगम के डीएम और क्यूआई से सेटिंग कर पाखड़ चावल जमा कराया जा रहा है।

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