रायगढ़ में एनआर ग्रुप बनाएगा 220 बेड का अस्पताल, डायरेक्टर संजय अग्रवाल की बड़ी घोषणा
रायगढ़। जिले के स्थापित औद्योगिक घराने के रूप में पहचान रखने वाला एनआर ग्रुप बुधवार से शिक्षा के क्षेत्र में भी कदम रख चुका है। जिला मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित सुदूर ग्रामीण अंचल बरपाली गाँव में बुधवार को ‘एनआर पब्लिक इंग्लिश मीडियम स्कूल‘ का विधिवत शुभारंभ हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह रहे, जिन्होंने एनआर ग्रुप के चेयरमैन व स्कूल के फाउंडर नंदकिशोर अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी गुलाबी देवी अग्रवाल की उपस्थिति में विद्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पूरा एनआर परिवार उपस्थित रहा।
समारोह की औपचारिक शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके पश्चात एसएसपी शशि मोहन सिंह, एनआर ग्रुप के चेयरमैन नंदकिशोर अग्रवाल एवं श्रीमती गुलाबी देवी अग्रवाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया। इसी क्रम में, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने विद्यालय के शिलालेख का अनावरण कर विधिवत उद्घाटन किया। इसके उपरांत उन्होंने अत्याधुनिक हाईटेक कंप्यूटर रूम का फीता काटा और वहां उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का अवलोकन किया।
गाँव में होगी शिक्षा की नींव मजबूत तभी होगा विकसित भारत का सपना साकार – एसएसपी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने एनआर ग्रुप की इस पहल को केवल एक स्कूल की शुरुआत नहीं, बल्कि क्षेत्र के भविष्य के लिए एक ‘बड़ा निवेश’ बताया। उन्होंने अपने संबोधन में आधुनिक संसाधनों की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, “आज के दौर में तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल शहरों का अधिकार नहीं होनी चाहिए। सुदूर ग्रामीण अंचल बरपाली में इतना उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर और हाईटेक कंप्यूटर लैब तैयार करना इस बात का प्रमाण है कि एनआर ग्रुप की सोच दूरगामी है।” एसएसपी ने आगे कहा कि जब ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को समान अवसर और सुविधाएं मिलती हैं, तभी समाज में असमानता कम होती है और राष्ट्र सशक्त बनता है।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया, “विकसित भारत का सपना तभी धरातल पर उतरेगा जब गाँव का बच्चा भी तकनीक से लैस होगा। मुझे विश्वास है कि यह संस्थान आने वाले समय में एक वटवृक्ष बनेगा, जिसकी छांव में इस अंचल के बच्चे पढ़-लिखकर न केवल अपने परिवार, बल्कि जिले और देश का नाम रोशन करेंगे।” उन्होंने डायरेक्टर चाहत अग्रवाल के विजन की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं का शिक्षा के प्रति यह समर्पण समाज में बड़े बदलाव का संकेत है।

आज एक सपने की शुरुआत हुई है, जो दादाजी ने देखा था: चाहत
स्कूल की डायरेक्टर चाहत अग्रवाल ने अपने विस्तृत और भावुक उद्बोधन में विद्यालय की स्थापना के पीछे के संघर्ष और संकल्प को साझा किया। उन्होंने कहा, “आज का दिन हमारे लिए केवल एक स्कूल का उद्घाटन नहीं, बल्कि एक सपने की शुरुआत है। एक ऐसा सपना जो हमारे दादाजी का है, जो आज हमारे बीच उपस्थित हैं और अपनी सोच व जीवन मूल्यों से हमें निरंतर प्रेरित करते हैं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि शिक्षा सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों में अच्छे संस्कार, अनुशासन और एक मजबूत चरित्र का निर्माण होना चाहिए।”

चाहत ने विद्यालय की तैयारी की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह सफर आसान नहीं था, इसके लिए आसपास के गाँवों का व्यापक सर्वे किया गया, अभिभावकों से मिलकर उनकी चिंताओं को समझा गया और कई अन्य स्कूलों का अध्ययन किया गया ताकि बेहतर प्रयास किए जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारा उद्देश्य केवल विद्यालय का विस्तार करना नहीं, बल्कि बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्य, आपसी सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। ईमानदारी, दयालुता और अनुशासन ही हमारे विद्यालय की मजबूत नींव है। हम चाहते हैं कि हर बच्चा एक आत्मविश्वासी और अनुशासित नागरिक के रूप में गढ़े।” भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्यालय की शुरुआत कक्षा पांचवीं तक की गई है, लेकिन यह लक्ष्य का केवल प्रारंभ है, जल्द ही यहाँ 10वीं और 12वीं की कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी।


शिक्षा और स्वास्थ्य से बदलेंगे क्षेत्र की तस्वीर: संजय
एनआर ग्रुप के डायरेक्टर संजय अग्रवाल ने अपने संबोधन में आज के दिन को एक ऐतिहासिक दिवस बताते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए हर्ष, गर्व और भावनाओं से भरा क्षण है। उन्होंने कहा कि एनआर परिवार के समर्पण और समाज सेवा की भावना से निर्मित इस स्कूल का शुभारंभ केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि एक सपने के साकार होने जैसा है। अपनी संस्कृति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी भारतीय संस्कृति में कहा गया है – ‘विद्या धनं सर्व धन प्रधानम्’। इसी भावना को आत्मसात करते हुए हमने इस विद्यालय की स्थापना की है।” संजय ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी पुत्रवधू और स्कूल की डायरेक्टर चाहत अग्रवाल ने ग्रामीण अंचलों में अच्छी शिक्षा देने का एक सपना देखा था। उन्हें लगा कि अगर वे यहां शिक्षा दे सकेंगी तो उनके जीवन का उद्देश्य सफल हो जाएगा। उसी सपने को साकार करने के लिए हमने यह कदम आगे बढ़ाया और आज नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक की शुरुआत हुई है, जिसे भविष्य में बहुत भव्य रूप दिया जाएगा।

रायगढ़ में एनआर बनाएगा 220 बेड का हॉस्पिटल
आगे संजय अग्रवाल ने शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी जिले के लिए एक बहुत बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि रायगढ़ शहर में 220 बेड के एक भव्य और अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसे साल 2027 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि उत्तम स्वास्थ्य भी आवश्यक है। यह अस्पताल केवल एक स्वास्थ्य केंद्र नहीं होगा, बल्कि गरीब और जरूरतमंदों के लिए आशा और विश्वास का केंद्र बनेगा। हमारा उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को बहुत ही कम खर्च में बेहतर और आधुनिक इलाज मिल सके। उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि होनहार बच्चे हैं, उन्हें स्कूल की ओर से नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। अंत में उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस स्कूल को अपना समझें और अपना आशीर्वाद दें।

समारोह में अतिथि के रूप उपस्थित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अशोक अग्रवाल ने एनआर ग्रुप की इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र में ग्रामीण बच्चों के विकास में ‘वरदान’ बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल में इस स्तर का विद्यालय खोलना एक सेवाभावी सोच का परिणाम है। वहीं, ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर मोनिका गुप्ता ने शिक्षा विभाग की ओर से ग्रुप को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्राइवेट स्कूलों को शासन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक बच्चों तक पहुँचे। उन्होंने स्कूल की हाईटेक सुविधाओं को ग्रामीण बच्चों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।




7 एकड़ में फैला परिसर, आधुनिक संसाधनों से लैस है स्कूल
एनआर पब्लिक स्कूल को पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। लगभग 72 लाख रुपये की लागत से बना यह स्कूल 7 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। स्कूल का मुख्य भवन 8400 स्क्वायर फीट में निर्मित है, जो पूरे क्षेत्र में अपनी भव्यता के लिए अलग ही नजर आता है। वर्तमान में यहाँ नर्सरी से लेकर पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें अब तक 150 बच्चों का एडमिशन भी हो चुका है। स्कूल के सफल संचालन की जिम्मेदारी डायरेक्टर चाहत अग्रवाल के नेतृत्व में अनुभवी प्रिंसिपल रंजीता रॉय को दी गई है, जो इससे पहले रायगढ़ के संस्कार स्कूल में 16 साल तक अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।




बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए यहाँ हाईटेक डैशबोर्ड, डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक कंप्यूटर लैब और एक शानदार लाइब्रेरी तैयार की गई है। बच्चों को घर से स्कूल लाने-ले जाने के लिए सुरक्षित बस और वैन की सुविधा भी उपलब्ध है। प्रिंसिपल रंजीता रॉय के कुशल नेतृत्व में शिक्षकों की एक समर्पित टीम बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटी है, जिसमें अलीशा अंसारी, प्रतीक्षा सिंह, रिंकी चौधरी, सुष्मिता बोस, रागिनी साहा, पुष्पांजलि प्रधान, ज्योति बेहरा, कामना साहू, उर्वशी प्रधान, पूजा भोय, मनीषा महापात्र और प्रीति राठिया शामिल हैं।






एनआर परिवार की तीन पीढ़ियां एक साथ आईं नजर
बरपाली में शिक्षा के इस नए अध्याय की शुरुआत के अवसर पर एनआर ग्रुप का पूरा परिवार एक साथ नजर आया। कार्यक्रम के केंद्र में समूह के चेयरमैन और परिवार के मुखिया नंदकिशोर अग्रवाल रहे। उनके साथ ही गुलाबी देवी अग्रवाल, ग्रुप के डायरेक्टर राजेश अग्रवाल, विजय अग्रवाल, संजय अग्रवाल और चाहत अग्रवाल उपस्थित रहीं। इसके साथ ही परिवार के सदस्य अंकित अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, राशि अग्रवाल, शुभम अग्रवाल, श्रुतिका अग्रवाल और अनिकेत अग्रवाल भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के कई प्रतिष्ठित उद्योगपति, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी इस शिक्षा प्रकल्प की सराहना करने पहुँचे। अतिथियों ने एनआर ग्रुप की इस पहल को ग्रामीण अंचल के विकास के लिए एक बड़ा और सकारात्मक कदम बताया।
कार्यक्रम की झलकियां तस्वीरों की जुबानी
































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