- 100 यूनिट से बढ़कर 200 यूनिट तक राहत, 14 लाख परिवारों को मिलेगा फायदा
- योजना जल्द ही लागू होने की संभावना, मुख्यमंत्री सचिवालय भेजी गई फाइल
रायगढ़। राज्य सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल में राहत देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकेतों के बाद सरकार ने हाफ बिजली बिल योजना को 100 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट तक लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस कदम से लगभग 14 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। बिजली विभाग ने योजना को अंतिम रूप देने के लिए फाइल मुख्यमंत्री सचिवालय में भेज दी है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो घरेलू उपभोक्ताओं के बिल में सीधे 50 फीसदी तक की राहत दिखाई देगी।
उदाहरण के साथ समझें नई योजना का असर
वर्तमान में यदि कोई परिवार हर महीने 200 यूनिट बिजली का उपभोग करता है, तो उसका औसत बिल लगभग 840 से 870 रुपए के बीच आता है। इसमें पहले 100 यूनिट का रेट ₹4.10 प्रति यूनिट और अगले 100 यूनिट का रेट ₹4.20 प्रति यूनिट है। नई योजना लागू होने पर 200 यूनिट तक हाफ बिल का लाभ मिलेगा। इसका मतलब है कि उपभोक्ता को सिर्फ आधा भुगतान करना होगा।
- पहले 100 यूनिट का बिल ₹410–450 था, अब यह घटकर ₹205–225 रह जाएगा।
- अगले 100 यूनिट (100–200) के लिए बिल लगभग समान रहेगा।
- कुल मिलाकर 200 यूनिट पर औसतन 420–435 रुपए का बिल आएगा।
इस तरह, जो उपभोक्ता पहले ₹1250–1300 तक का बिल चुकाते थे, उन्हें अब केवल ₹800–850 का ही बिल चुकाना होगा।
हाफ बिजली बिल योजना: इतिहास और बदलाव
छत्तीसगढ़ में 1 मार्च 2019 को हाफ बिजली बिल योजना शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को महंगाई के दबाव से राहत देना था।
- योजना के तहत अगर कोई उपभोक्ता 400 यूनिट या उससे कम बिजली का उपभोग करता, तो उसे कुल बिल का केवल आधा भुगतान करना पड़ता था।
- अगर खपत 400 यूनिट से अधिक होती, तो पहले 400 यूनिट पर हाफ बिल का लाभ मिलता और शेष पर तय दरों के अनुसार बिल बनता।
लेकिन 1 अगस्त 2025 को इस योजना में बड़ा बदलाव हुआ। भूपेश सरकार के समय लागू 400 यूनिट की सीमा को घटाकर 100 यूनिट कर दिया गया। इसका असर सीधा पड़ा लाखों परिवारों पर बिल लगभग दोगुना हो गया।
सरकार और जनता दोनों पर असर
नई योजना लागू होने पर राज्य सरकार पर सैकड़ों करोड़ रुपए का अतिरिक्त सब्सिडी भार बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, योजना के तहत गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ रहा दबाव कम होगा।
- बिल का भुगतान नियमित रूप से होने लगेगा।
- छोटे परिवारों और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिलेगी।
- प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के बाद मुख्यमंत्री की मंजूरी के साथ मंत्रिमंडल में पेश किया जाएगा।
- यदि सब कुछ समय पर हुआ, तो दिसंबर से योजना लागू हो सकती है।
विरोध के बाद फिर से राहत की तैयारी
4 महीने पहले योजना में कटौती के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों ने लगातार विरोध किया। कई जिलों में उपभोक्ताओं ने बढ़े हुए बिलों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- छोटे परिवारों और ग्रामीण क्षेत्रों में इसका आर्थिक असर साफ दिखने लगा।
- सरकार ने महसूस किया कि सीमित खपत वाले उपभोक्ताओं को राहत देना जरूरी है।
- इसलिए अब हाफ बिल योजना की सीमा को 100 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी होने के बाद यह कदम लाखों परिवारों की जेब पर बोझ कम करने और बिजली बिलों को नियंत्रित करने की दिशा में अहम साबित होगा।
- 14 लाख घरेलू उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।
- 200 यूनिट तक बिजली का औसत बिल आधा हो जाएगा।
- गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए आर्थिक राहत सुनिश्चित होगी।
यदि योजना समय पर लागू होती है, तो यह हाफ बिजली बिल योजना राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी।

























