पाकिस्तान के मुल्तान में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने क्रिकेट की दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इंग्लैंड ने इस मैच में 7 विकेट पर 823 रन बनाकर पारी घोषित की, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में चौथा सबसे बड़ा स्कोर है। यह किसी भी टीम द्वारा 150 ओवर से कम में बनाए गए 800 से अधिक रन का पहला उदाहरण है।
एक अभूतपूर्व प्रदर्शन
इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने इस टेस्ट में धुंआधार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। इंग्लैंड ने 150 ओवरों में 5.48 के रनरेट से 823 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी में हैरी ब्रूक और जो रूट की जोड़ी ने विशेषकर प्रभावित किया। ब्रूक ने 322 गेंदों में 317 रन बनाए, जो पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे तेज तिहरे शतक के रूप में दर्ज हुआ। वहीं, जो रूट ने 262 रन बनाकर अपना छठा दोहरा शतक पूरा किया।
पाकिस्तान की गेंदबाजी पर भारी दबाव
पाकिस्तान की टीम ने इस पारी में 7 गेंदबाजों का उपयोग किया, जिनमें से छह ने 100 से अधिक रन लुटाए। अबरार अहमद ने सबसे अधिक 174 रन दिए। यह प्रदर्शन पाकिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण के लिए एक बड़ा झटका था, खासकर जब इंग्लैंड ने पहले टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान पर 267 रन की बढ़त बना ली।
साझेदारी का विश्व रिकॉर्ड
ब्रूक और रूट की जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए 454 रन की साझेदारी की, जो कि इस विकेट के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी साझेदारी का विश्व रिकॉर्ड है। इंग्लैंड का स्कोर जब 3 विकेट पर 249 रन था, तब ब्रूक क्रीज पर आए, और जब रूट आउट हुए, तब इंग्लैंड का स्कोर 703 रन तक पहुंच चुका था।
इतिहास के पन्नों में नया अध्याय
इससे पहले, टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर श्रीलंका का था, जिसने 1997 में भारत के खिलाफ 6 विकेट पर 952 रन बनाए थे। इंग्लैंड ने 1938 में 903/7 और 1930 में 849 रन का स्कोर बनाया था। इस नई उपलब्धि के साथ, इंग्लैंड ने टेस्ट क्रिकेट के शीर्ष स्कोर में अपनी जगह को और मजबूत किया है।
यह टेस्ट केवल एक मैच नहीं है, बल्कि यह इंग्लैंड के बल्लेबाजों की क्षमता का जश्न है। अब देखना यह है कि पाकिस्तान अपनी दूसरी पारी में इस चुनौती का सामना कैसे करता है।























