छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जंगली मशरूम (पुटु/खुखड़ी) खाने से दो बच्चों समेत नौ लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। भोजन करने के कुछ देर बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें वाड्राफनगर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने सभी मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल सभी का उपचार जारी है और चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रभावित लोगों ने जंगल से लाए गए जंगली मशरूम को भोजन में इस्तेमाल किया था। इसके कुछ समय बाद उन्हें उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और बेचैनी जैसी शिकायतें होने लगीं। परिजनों ने तत्काल सभी को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की आशंका के आधार पर इलाज शुरू किया।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को किया सतर्क
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मानसून के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग का कहना है कि बारिश के मौसम में जंगलों में उगने वाले जंगली मशरूम की कई प्रजातियां जहरीली होती हैं और सामान्य व्यक्ति के लिए उनकी पहचान करना आसान नहीं होता। बीएमओ डॉ. हेमंत दीक्षित ने कहा कि बिना वैज्ञानिक जानकारी या विशेषज्ञ की पुष्टि के किसी भी जंगली मशरूम का सेवन नहीं करना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।
समय पर इलाज मिलने से मिली राहत
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी मरीजों को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे उन्हें आवश्यक उपचार मिल सका। जिला अस्पताल में डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मानसून में बरतें अतिरिक्त सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में जंगली मशरूम तेजी से उगते हैं। इनमें कई विषैली प्रजातियां भी शामिल होती हैं, जिन्हें पहचानना आसान नहीं होता। विभाग ने लोगों से अपील की है कि मशरूम खाने के बाद यदि उल्टी, पेट दर्द, चक्कर या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय सहायता लें।





















