नारायणपुर। ग्राम बनखेता के पास रविवार को एक अत्यंत दुखद घटना हुई जब दो भाई-बहन तालाब में डूब गए और उनकी मौत हो गई। घटना की गवाही उनकी मां ने दी, जो बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश करती रही, लेकिन सफल नहीं हो सकीं। जानकारी के अनुसार, 8 वर्षीय छोटे बेटे और 11 वर्षीय बड़ी बेटी उस दिन स्कूल की छुट्टी के कारण खेत में महुआ बीनने गए थे। दोपहर में काम खत्म होने के बाद परिवार पास के पेडार तालाब की ओर गया ताकि बच्चे पानी में खेल सकें। तालाब के किनारे कपड़े सुखाने के लिए मां चली गई, उसी दौरान छोटा बेटा पानी की गहराई में चला गया और डूबने लगा।
अपनी बहन ने तुरंत उसे बचाने के लिए तालाब में छलांग लगाई, लेकिन पानी में दलदल और फिसलन के कारण वह भी फंस गई। मां जब वापस लौटी और बच्चों को पानी में संघर्ष करते देखा, तो उसने भी उन्हें बचाने का प्रयास किया। हालांकि, तालाब की गहराई और कठिन परिस्थितियों ने उसकी कोशिश सफल नहीं होने दी। आसपास के ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव तालाब से बाहर निकाले गए।इस हादसे ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी। परिवार पर अचानक आए इस दुख ने उनकी जिंदगी को झकझोर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शवों को कब्जे में लिया। स्थानीय लोग बताते हैं कि तालाब के पास सुरक्षा उपायों की कमी और पानी में छिपी गहराई ऐसे हादसों के लिए जोखिम पैदा करती है। घटना ने सभी को सचेत किया कि बच्चों के पानी में खेलते समय सतर्कता अत्यंत जरूरी है।


























