रायपुर। नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी बाल हृदय अस्पताल में शनिवार का दिन कुछ खास बन गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां हृदय रोग से उबरे बच्चों से संवाद किया। ‘दिल की बात’ नामक इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री बच्चों के बीच सहज, अपनापन भरे अंदाज़ में दिखाई दिए। छोटे-छोटे बच्चों के उत्तर, उनकी हिम्मत और सपनों ने माहौल को भावनाओं से भर दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने बच्चों से कहा, “दिल की बात करनी है, कौन करेगा?” तभी एक नन्ही बच्ची आत्मविश्वास के साथ खड़ी हुई। उसने बताया कि वह हॉकी की चैंपियन है और अब तक पांच मेडल जीत चुकी है। स्कूल में जांच के दौरान उसके दिल में छेद का पता चला था, जिसके बाद अस्पताल में उसका सफल ऑपरेशन हुआ। बच्ची ने मुस्कराते हुए कहा, “अब मैं फिर से हॉकी खेलती हूं।”
प्रधानमंत्री ने पूछा, “आगे क्या करना चाहती हो?” बच्ची ने दृढ़ स्वर में जवाब दिया, “मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं और सभी बच्चों का इलाज करूंगी।” मोदी जी ने मुस्कराते हुए पूछा, “जब तुम डॉक्टर बन जाओगी तब हम तो बूढ़े हो जाएंगे, हमारा इलाज करोगी?” इस पर बच्ची ने तुरंत कहा, “हां, बिल्कुल करूंगी।” इस मासूम जवाब ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। बातचीत के दौरान एक अन्य बच्चे ने प्रधानमंत्री को कविता सुनाई –
“मंजिल से आगे बढ़कर मंजिल तलाश कर,
मिल जाए तुझको दरिया तो समुंदर तलाश कर…”
प्रधानमंत्री ने भावुक होकर कहा, “वाह! बहुत खूब।”
एक और नन्हें लाभार्थी ने बताया कि उसका ऑपरेशन 2014 में हुआ था और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। पीएम मोदी ने बच्चों से उनके खेल, पढ़ाई और नियमित स्वास्थ्य जांच के बारे में भी विस्तार से पूछा। जब एक बच्ची ने बताया कि वह बड़ी होकर टीचर बनना चाहती है ताकि गरीब बच्चों को मुफ्त में पढ़ा सके, तो प्रधानमंत्री ने कहा – “बहुत अच्छा, शिक्षा से ही देश आगे बढ़ता है।” संवाद के दौरान पीएम मोदी ने सत्य साईं बाबा के योगदान को याद करते हुए कहा कि बाबा ने पानी की किल्लत झेल रहे करीब 400 गांवों में पीने का पानी पहुंचाया था। उन्होंने बच्चों से अपील की – “एक पेड़ अपनी मां के नाम लगाइए। इससे धरती मां और अपनी मां दोनों का कर्ज चुकाया जा सकता है।”
वेस्ट बंगाल से आए एक बच्चे ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह बड़ा होकर सेना में जाना चाहता है। मोदी ने मुस्कराते हुए पूछा, “क्यों करोगे?” बच्चे ने जवाब दिया, “क्योंकि देश के सिपाही हमारी रक्षा करते हैं, मैं भी रक्षा करना चाहता हूं।” प्रधानमंत्री ने स्नेहपूर्वक कहा, “वाह, देश को ऐसे ही बच्चों पर गर्व है।” कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी बच्चों को शुभकामनाएं दीं और कहा, “अच्छे काम करने के लिए शरीर का स्वस्थ रहना जरूरी है। योगा करें, नियम से सोएं, और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।”

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अब तक लगभग 2500 बच्चों का नि:शुल्क और सफल इलाज हो चुका है। उन्होंने डॉक्टरों, स्टाफ और सेवा भाव से जुड़े सभी लोगों की सराहना की।इसके बाद प्रधानमंत्री नवा रायपुर में ब्रह्माकुमारीज़ के ‘शांति शिखर’ का उद्घाटन करने पहुंचे। उन्होंने छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “राज्यों का विकास ही देश के विकास का आधार है। ब्रह्माकुमारी जैसी संस्थाएं इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।”































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