- भूमि स्वामी ने लीगल एक्शन लेने का लिया निर्णय, अडाणी पावर की रेल लाइन के लिए उद्योग विभाग ने अधिग्रहित की भूमि
रायगढ़। भू-अर्जन प्रक्रिया में कई पुराने आपराधिक प्रकरणों की अनदेखी की जा रही है। किरोड़ीमल नगर से रेल लाइन बिछा रहे अडाणी पावर के लिए उद्योग विभाग ने भी भूमि अधिग्रहण किया। इसमें ऐसी जमीन का अर्जन कर लिया गया है, जिसकी रजिस्ट्री गलत तरीके से की गई थी। पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी। अभी प्रकरण अदालत में लंबित है। यह मामला उच्चभिट्ठी का है। घासीराम पिता परमानंद का कहना है कि ग्राम उच्चभिट्ठी में उसकी जमीन खसरा नंबर 353/5, 395/4/2, 414/3/1 और 394/4/2 कुल रकबा 0.351 हे. है। इस भूमि को 2015-16 में अन्य व्यक्तियों ने कूटरचना कर कोरबा वेस्ट पावर के ए श्रीनिवास राव के पक्ष में रजिस्ट्री करवा दी थी। कोतरा रोड थाने में शिकायत करने पर
चंद्रशेखर चौधरी वगैरह के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी, 34 के तहत अपराध भी दर्ज किया गया था। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने दोषियों को तीन वर्ष का सश्रम कारावास का दंड दिया। इसके विरुद्ध सत्र न्यायाधीश के समक्ष अपील की गई है जो लंबित है, लेकिन उक्त भूमि का अधिग्रहण का आदेश 2022-23 में कर दिया गया जो विधि विरुद्ध है। भूमिस्वामी का कहना है कि अभी रजिस्ट्री को शून्य नहीं किया गया है। इसके बाद भी अधिग्रहण कर लिया गया। 2016 में तय की गई मुआवजा दर से वर्तमान में मिल रहा मुआवजा बेहद कम है। इसलिए अब भूमिस्वामी ने विधिक उपाय करने का निर्णय लिया है।
गिरदावरी भी हुई जिसमें धान की फसल
यह भी चौंकाने वाली बात है कि उच्चभिट्ठी की उक्त जमीन उद्योग विभाग के नाम पर दर्ज है। भूमिस्वामी कृषि भूमि होने के कारण पटवारी ने इसकी गिरदावरी सितंबर 2025 में की है। इसमें जमीन पर धान की फसल होने की एंट्री की है। फिलहाल मामला इसलिए उलझा है क्योंकि जमीन की पुरानी रजिस्ट्री को शून्य किए बिना ही प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई।


























