जशपुर। पत्थलगांव थाना क्षेत्र में 10 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराने का झांसा देकर 1.93 लाख रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने भिलाई से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम चंद्रमणि देवदास (33 वर्ष) है, जो दुर्ग जिले के भिलाई-3 का निवासी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि मामले में शामिल दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
सुरक्षा निधि के नाम पर वसूले थे 1.93 लाख रुपये
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शांतिनगर तिलडेगा (थाना पत्थलगांव) निवासी गजानंद चौहान (36 वर्ष) ने 3 अगस्त 2026 को थाने में उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2025 में उसे ऋण की आवश्यकता थी। इसी दौरान आरोपी चंद्रमणि देवदास ने फोन कर खुद को ‘सोमी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड’ का कर्मचारी बताया और कहा कि उसके लोन की फाइल आई हुई है।
आरोपी ने पीड़ित से कहा कि 10 लाख रुपये का लोन पास कराने के लिए कंपनी में सुरक्षा निधि जमा करनी होगी। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित को भरोसे में लिया और सिक्योरिटी मनी के नाम पर कुल 1,93,000 रुपये अलग-अलग खातों में जमा करवा लिए। रकम लेने के बाद आरोपी फोन बंद कर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर पत्थलगांव थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 163/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बैंक खातों की जांच के बाद भिलाई से हुई गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी से जुड़े संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई। तकनीकी विश्लेषण और मिले सुरागों के आधार पर पुलिस को आरोपी चंद्रमणि देवदास के भिलाई में मौजूद होने की सूचना मिली। इसके बाद पत्थलगांव पुलिस की एक विशेष टीम भिलाई भेजी गई, जिसने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपी ने ठगी का जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि उसने अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम ट्रांसफर करवाई थी और उस पैसे को अपने घरेलू उपयोग में खर्च कर दिया। अपराध में संलिप्तता प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस ने 26 अक्टूबर 2026 को उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पत्थलगांव थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने बताया कि इस गिरोह में शामिल दो अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी लगातार पतासाजी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी के साथ प्रधान आरक्षक चंद्रविजय पैंकरा और आरक्षक देवसिंह की प्रमुख भूमिका रही।























