रायगढ़। जिले के युवाओं को रोजगार पाने योग्य बनाने के लिए खोले गए आईटीआई खुद संसाधनों की कमी का सामना कर रहे हैं। कई ट्रेड में प्रशिक्षण देने का दावा भर किया जाता है, हकीकत यह है कि प्रशिक्षक ही पर्याप्त नहीं हैं। रायगढ़ जिले में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए नौ आईटीआई खोले गए हैं। इनमें से एक महिला आईटीआई भी है। इनमें छात्र तो हैं लेकिन प्रशिक्षकों की कमी है। सभी नौ आईटीआई को मिलाकर 128 प्रशिक्षण अधिकारी के पद स्वीकृत किए गए हैं। ज्यादा से ज्यादा ट्रेड में प्रशिक्षण देने के लिए सभी पद भरे होने चाहिए। लेकिन इनमें से 64 पद भरे हुए हैं।
बाकी के 64 पद रिक्त पड़े हुए हैं। इस वजह से कई ट्रेड में प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। कुछ आईटीआई में तो 70 प्रश पद रिक्त हैं। रोजगार विभाग इन्हीं आईटीआई के भरोसे अपनी उपलब्धियां गिनाता है। वास्तविकता यह है कि इन संस्थाओं में ही संसाधन पूरे नहीं हैं। जो युवा उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं करना चाहते या पढ़ाई में उतने अच्छे नहीं होते, वही आईटीआई की ओर जाते हैं। आईटीआई रायगढ़ में 48 में से 20 पद रिक्त हैं। महिला आईटीआई में 13 में से 8 पद रिक्त हैं।
आदिवासी ब्लॉकों में खराब स्थिति
धरमजयगढ़ आईटीआई में प्रशिक्षकों के दस पद स्वीकृत हैं, जिसमें 4 भरे और 6 रिक्त हैं। लैलूंगा में भी 12 में से 8 रिक्त हैं। तमनार में 6 में से दो पद रिक्त हैं। घरघोड़ा में भी 13 पदों में से 9 रिक्त हैं। लोइंग महापल्ली के आईटीआई में एक ही पद स्वीकृत है जो रिक्त है।























