रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी डॉ. संतोष सिंह अब दिल्ली और हैदराबाद के सुरक्षा गलियारों में अपनी रणनीतिक कुशलता का लोहा मनवाएंगे। अपनी कड़क कार्यशैली और नवाचारों के लिए मशहूर 2011 बैच के आईपीएस डॉ. संतोष सिंह को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) के पद पर तैनात किया है। गृह मंत्रालय से जारी आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अपराध की कमर तोड़ने वाले इस अधिकारी की सेवाओं की जरूरत अब देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए होगी।
डॉ. संतोष सिंह का नाम आते ही एक ऐसे पुलिस कप्तान की छवि उभरती है जिसने रायगढ़, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे भारी-भरकम जिलों को अपनी उंगलियों पर चलाया है। रायपुर एसएसपी के तौर पर उनके कार्यकाल को आज भी राजधानी में एक ‘बेंचमार्क’ माना जाता है। उन्होंने न केवल पुलिसिंग को डिजिटल और स्मार्ट बनाया, बल्कि नक्सल प्रभावित और चुनौतीपूर्ण इलाकों में भी अपनी रणनीतिक सूझबूझ से शांति व्यवस्था कायम रखी। यही वजह है कि उनकी कार्यक्षमता को देखते हुए केंद्र ने उन्हें 5 साल की प्रतिनियुक्ति पर इस महत्वपूर्ण सुरक्षा विंग के लिए चुना है।
एक पुलिस अधिकारी की पहचान आमतौर पर मुस्तैदी से होती है, लेकिन संतोष सिंह ने इसे सामाजिक सरोकार से जोड़ दिया। उनके द्वारा शुरू किए गए नशामुक्ति अभियान ‘निजात’ ने छत्तीसगढ़ की सरहदों को लांघकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। नशे के खिलाफ उनकी इस ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने हजारों युवाओं की जिंदगी बदली और पुलिस की एक मानवीय छवि जनता के सामने पेश की। इस अभियान की सफलता ने यह साबित किया कि डॉ. सिंह सिर्फ कानून के रखवाले ही नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाले एक दूरदर्शी अधिकारी भी हैं।
अब डॉ. संतोष सिंह की नई पारी हैदराबाद स्थित सीआईएसएफ मुख्यालय से शुरू होगी। सीआईएसएफ के कंधे पर देश के हवाई अड्डों, परमाणु संस्थानों और मेट्रो जैसी संवेदनशील संपत्तियों की सुरक्षा का भार होता है। बदलते वक्त के साथ बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच डॉ. सिंह जैसे अनुभवी और जमीनी पकड़ रखने वाले अधिकारी की तैनाती रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि उनकी नई सोच और कड़ा अनुशासन केंद्रीय सुरक्षा बलों के सुरक्षा तंत्र को और अधिक अभेद्य और आधुनिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।























