- 105 उपार्जन केंद्रों में सुचारू व्यवस्था, 48 हजार किसानों ने बेचा धान
- पात्र किसानों को न हो परेशानी, कोचियों और बिचौलियों पर रहे सख्त निगरानी – कलेक्टर
रायगढ़। शासन के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित रूप से जारी है। जिले के 105 उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी सुचारू रूप से की जा रही है। धान खरीदी को लेकर किसानों में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में किसान अपने उत्पादित धान का विक्रय कर रहे हैं। जिले में अब तक 48 हजार से अधिक किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया जा चुका है। वहीं कुल 2,96,701.92 मीट्रिक टन धान की खरीदी पूर्ण की जा चुकी है। इसमें 2,21,612.04 मीट्रिक टन मोटा धान एवं 75,089.88 मीट्रिक टन सरना धान शामिल है। धान खरीदी के साथ-साथ उठाव की प्रक्रिया भी तेज गति से जारी है। कुल खरीदे गए धान में से मिलर्स को उठाव हेतु 2,69,143.20 मीट्रिक टन का डीओ जारी किया जा चुका है, जिसमें से अब तक 1,64,294.10 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। इससे उपार्जन केंद्रों में भंडारण व्यवस्था सुचारू बनी हुई है।





कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने धान खरीदी से जुड़े सभी अधिकारियों को उपार्जन केंद्रों की निरंतर और गंभीर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कोई भी पात्र किसान धान विक्रय से वंचित न रहे तथा किसानों से धान खरीदी पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से धान खपाने में सफल न हो सके। उनके निर्देशानुसार जिले के सभी एसडीएम एवं नोडल अधिकारियों द्वारा 105 उपार्जन केंद्रों में सतत निगरानी रखी जा रही है तथा किसानों को हर संभव सुविधा प्रदान की जा रही है।





गौरतलब है कि शासन के निर्देशानुसार जिले में 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी की अंतिम तिथि निर्धारित है। उपार्जन केंद्रों में धान विक्रय करने वाले किसानों की संख्या एवं खरीदी की मात्रा में लगातार वृद्धि हो रही है। इसे देखते हुए कलेक्टर ने सभी उपार्जन केंद्रों में व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को धान बेचने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी पात्र किसानों का धान समय पर खरीदा जा सके।
















