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सहदेवपाली और गढ़उमरिया की सरकारी जमीन से हटेगा बेजा कब्जा

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रायगढ़। सरकारी जमीनों को अपनी पैतृक संपत्ति समझ रहे भूमािफया शहर के हर कोने में सक्रिय हैं। पिछले दिनों सहदेवपाली और गढ़उमरिया क्षेत्र में सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण का खुलासा किया गया था। अब एसडीएम रायगढ़ ने दोनों जगहों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पहले निर्माणाधीन ढांचों को ढहाया जाएगा। रायगढ़ शहर पूरी तरह से पैक हो चुका है। कहीं भी पैर रखने तक को जमीन नहीं बची है। सरकारी निर्माण के लिए जमीन के लाले पड़ गए हैं। दूसरी ओर भू-माफियाओं को पता चल जा रहा है कि कहां सरकारी जमीन खाली है। इससे पहले की प्रशासन उस जमीन पर कुछ करने का सोचे, तब तक वहां अवैध बस्ती बस जा रही है। शासकीय भूमि को एक तरह से भूमाफियाओं की पैतृक संपत्ति बन गई है।

शासन ने सहदेवपाली में कार्यपालन अभियंता छग हाउसिंग बोर्ड को खनं 137 रकबा 0.405 हे. और खनं 143 रकबा 0.0570 हे. कुल 0.462 हे. आवंटित की है। एक एकड़ से अधिक इस जमीन में हाउसिंग बोर्ड से पहले भूमाफिया ने आवासीय कॉलोनी बना दी है। जमीन पर छोटे-बड़े 40 मकान बनाए जा चुके हैं। पुसौर तहसीलदार ने जानकारी होने के बावजूद मामले को दबाया। सहदेवपाली में ही हाउसिंग बोर्ड की जमीन के इर्द-गिर्द खनं 148 रकबा 2.4270 हे., खनं 149, 150, 144, 152 आदि सब सरकारी जमीनें हैं। इन पर भी भूमाफिया ने कब्जा कर लिया है।

टुरकुमुड़ा में नेताजी की बस्ती

सहदेवपाली क्षेत्र में रोड के दोनों ओर बेशकीमती सरकारी जमीन है। खसरा नंबर 83 जो टुरकुमुड़ा के नाम से जाना जाता है, अब वहां दस-बीस घरों की बस्ती नहीं बल्कि सौ घर बन चुके हैं। अभी भी कई मकान निर्माणाधीन हैं। खनं 83 का रकबा 3.5170 हे. है। करीब नौ एकड़ जमीन यहां खाली थी। लोकल भूमाफिया ने इस जमीन को टुकड़ों में बेचकर तीन करोड़ रुपए कमाए हैं। इसी तरह महंत समाज के श्मशान के लिए मिली जमीन सहदेवपाली के खनं 107, 108, 109, 110 पर अतिक्रमण करते हुए 20 से ज्यादा दुकानें बनाई जा चुकी हैं।

प्रतिवेदन को रखा साईड में

अतिक्रमण की शिकायत पीएम पोर्टल में की गई थी, जहां से कार्रवाई के लिए कलेक्टर को निर्देशित किया गया था। कलेक्टर के आदेश पर तहसीलदार पुसौर ने पटवारी से प्रतिवेदन मंगवाया। पटवारी ने लिखकर दिया है कि खनं 83 में करीब 1200 वर्गफुट जमीन पर अतिक्रमण करके मकान बनाया है। वहीं महंत समाज के मरघट खनं 107 पर भी 645 वर्गफुट की दुकान भी बनाई है। मकान के सामने भाजपा मंडल महामंत्री की नेमप्लेट लगाई है। पटवारी का प्रतिवेदन मिलने के बाद पीएम पोर्टल की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

गढ़उमरिया में भी बढ़ रहा अतिक्रमण

संस्कार स्कूल पुल के दूसरी तरफ से एक प्राकृतिक नाला बहता है। नाला किनारे कॉलम खड़ा करके मकान बनाए जा रहे हैं। यहां दूर-दूर तक अवैध कब्जे ही दिखते हैं। खनं 16/1 रकबा 1.1870 हे. शासकीय भूमि है। इस पर अतिक्रमण हो चुका है। आजू-बाजू की दूसरी जमीनों पर भी निर्माण शुरू हो चुका है। यहीं पर शासकीय भूमि खनं 97/1 रकबा 2.0070 हे. पर भी अवैध कब्जे होने लगे हैं। सेंट्रल वेयर हाउस कॉर्पोरेशन को आवंटित भूमि 97/2 रकबा 2.0190 हे. का कुछ हिस्सा भी अतिक्रमण की जद में आ चुका है।

क्या कहते हैं एसडीएम

सहदेवपाली और गढ़उमरिया क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होने की जानकारी मिली है। इस पर कार्रवाई करेंगे। संबंधित भूमाफिया पर भी कार्रवाई की जाएगी।
– महेश शर्मा, एसडीएम रायगढ़

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